छ: साल बाद पत्रकार की हत्या की गुत्थी सुलझी


 

सीआईडी क्राइम ने अशोक शाह के एक हत्यारे को गिरफ्तार किया
सूरत। दक्षिण गुजरात वर्तमान समाचार पत्र के संस्थापक-संपादक अशोक शाह की हत्या के 6 साल बाद सीआईडी क्राइम ब्रांच के एसपी सुजाता मजूमदार की मेहनत से एक हत्यारे को गिरफ्तार किया गया।
सूत्रोंं से मिली जानकारी के अनुसार संपादक अशोक शाह की 31 मार्च 2009 को शाम के समय नेशनल हाइवे नंबर 8 पर डुंगरी ओवर ब्रिज पर गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। पिछले 6 साल से अशोक शाह के हत्यारोंं को गिरफ्तार करने मेंं स्थानीय पुलिस निष्फल रही। स्थानीय पुलिस के भ्रष्टï अधिकारियोंं ने इस मामले को इतना उलझा दिया था कि किसी आरोपी का नाम सामने नहींं आ रहा था। अशोक शाह के परिवार वालोंं ने गुजरात हाईकोर्ट मेंं अपील कर न्याय की गुहार लगाते हुए जांच सीआईडी क्राइम को सौंंपने की मांग की थी। मामले की गंभीरत को देखते हुए सीआईडी क्राइम ब्रांच की बहादुर महिला अधिकारी सुजाता मजूमदार, इंस्पेक्टर श्रीवास्तव और सब इंस्पेक्टर तरल भट्टï की टीम ने जांच अपने अधिकार मेंं ले ली। 6 साल पुराने इस मामले में जांच के दौरान एक केबाद एक कड़ी अपने आप सुलझती गयी। अशोक शाह के ड्राइवर मनोज शर्मा का नार्को टेस्ट सहित अन्य टेस्ट किया गया। हत्या की घटना का नाट्य रूपांतर किया गया। नजदीकी दोस्तों-सबंधियोंं से पूछताछ की गयी। 11 महीने के बाद सीआईडी क्राइम ने वलसाड के 45 वर्षीय नासिर बामूशा को कड़ी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया। पुलिस ने नासिर बामूशा को कोर्ट मेंं पेश कर दस दिनोंं के रिमांड पर लिया है। नासिर ने पूछताछ मेंं कई चौंकाने वाले मामलों का खुलासा किया है। इस मामले मेंं अन्य आरोपियोंं के जल्द ही गिरफ्तार होने की संभावना है।