गुजरात में हर माह शराब पीने से 1,000 लोगों को लिवर सिरोसिस


अहमदाबाद। शराब प्रतिबंधित गुजरात राज्य में ज्यादा शराब पीने के चलते हर महीने लिवर सिरोसिस के १ हजार मामले सामने आए हैं। इसमें से करीब ८० फीसदी केस गुजरातियों को शराब के सेवन से हो रहे हैं, जबकि इस राज्य में शराब पर बैन है।
अहमदाबाद से सरकारी और प्राइवेट असपतालों में इस बीमारी ग्रस्त पीड़ित मरीजों की संख्या काफी ज्यादा है। पाqश्चमी भारत के सबसे बड़े रेफरल सेंटर, सिविल हॉाqस्पटल में एक महीने में सबसे ज्यादा २७० मरीजों का रिकॉर्ड है। इसके बाद एक महीने में सबसे ज्यादा मरीज- वीएस अस्पताल में २३०, शारदाबेन अस्पताल में २२० और एलजी हॉाqस्पटल में १८० मरीज भर्ती हुए। बड़े प्राइवेट अस्पतालों, सोला, गुरुकुल और गांधीनगर में भी हर महीने करीब ८० लिवर सिरोसिस के पेशेंट आ रहे हैं।
लिवर सिरोसिस में धीरे-धीरे स्वस्थ लिवर के टिशू कम होते जाते हैं और आगे चलकर यह लिवर पेâल होने का कारण भी बन जाता है। ऐसे ही एक केस में चंदोलिया निवासी ३२ साल के चंदन भारवाड २०१३ तक काफी शराब का सेवन करते थे। इसके बाद उन्हें लिवर सिरोसिस होने की बात सामने आई, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। सिरोसिस चौथी स्टेज में पहुंच कर वैंâसर बन चुका था और इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई।
ऐसा नहीं है कि गुजरात में सिर्पâ ज्यादा उम्र के लोगों में यह बीमारी देखने को मिल रही है, बाqल्क कम उम्र के युवा भी इसकी चपेट में आ रही है। वीएस हॉाqस्पटल की डॉक्टर लीना दाभी ने बताया कि उनके पास २५-४० की उम्र के ज्यादा मरीज आते हैं। ये लगभग रोजाना शराब पीने वालों में से होते हैं।