किसानों की बढ़ी खरीददारी में बाधा पैनकार्ड


अहमदाबाद । अखिल भारतीय जवाहरात एवं ज्वेली व्यापार संगठन वेंâद्र सरकार के एक लाख से अधिक रूपये के लिए पैनकार्ड को आवश्यक बनाए जाने से नाखुश हैं। इस संबंध में घोषणा वेंâद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली द्वारा बजट प्रस्तुत करते समय की गई थी। संगठन के अनुसार यह निर्णय व्यवहारिक नहीं है। क्योंकि ७० फीसदी ग्रामीण खरीददार पैनकार्ड नहीं रखते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के किसान इंकमटेक्स (आयकर) के अंतर्गत नहीं आते हैं। जीजेएफ के अध्यक्ष हरेश सोनी ने बताया कि पिछले दो वर्षों में सोना पर उच्च आयात शुल्क से तस्करी को प्रोत्साहित किया है। यह नया कदम काले धन के उत्पादन को नहीं रोक पाएगा। उन्होंने आगे कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में किसानों एवं व्यवसायियों को हतोत्साहित करेगा क्योंकि उन लोगों के पास सामान्यतः पैनकार्ड नहीं होता है और उन्हें आवश्यकता भी नहीं पड़ती थी।