आसाराम की जमानत याचिका पर गांधीनगर कोर्ट में सुनवाई जारी


भांजे के अंतिम संस्कार के लिए आसाराम ने 30 दिनों की जमानत मांगी
सूरत। बलात्कार के आरोप मेंं जोधपुर जेल में बंद आसाराम के भांजे शंभरभाई लालचंदभाई पगराणी की शुक्रवार को हार्टअटैक से मौत हो गयी। अंतिम संस्कार और इसके बाद की धार्मिक क्रिया आसाराम के हाथ से हो, ऐसी इच्छा भांजे ने व्यक्त की थी। भांजे के अंतिम संस्कार मेंं शामिल होने के लिए आसाराम ने गांधीनगर कोर्ट मेंं जमानत याचिका दायर की है। आसाराम के वकील बी. एम. गुप्ता ने बताया कि जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई की गयी। परंतु सुनवाई अधुरी होने से मंगलवार को जमानत पर सुनवाई होगी।
सूत्रोंं से मिली जानकारी के अनुसार नाबालिग से दुष्कर्ष के आरोप में आसाराम हाल मेंं जोधपुर जेल में बंद हैं। आसाराम का भांजा अहमदाबाद के मोढेरा आश्रम का संचालन करता था। गत शुक्रवार को आसाराम के सगे भांजे की हार्ट अटैक से मौत हो गयी। भांजे ने मरने से पहले इच्छा व्यक्त की थी कि उसका अंतिम संस्कार मामा आसाराम के हाथोंं से ही किया जाए। आसाराम के मृत भांजे की लाश को अहमदाबाद नवी सिविल अस्पताल के कोल्ड स्टोरेज में रखा गया है। आसाराम ने भांजे के अंतिम संस्कार एवं उसके बाद की धार्मिक विधि को पूरा करने के लिए कोर्ट से 30 दिनोंं के जमानत पर रिहा करने की मांग की है। जिस पर सोमवार को दोपहर बाद सुनवाई शुरु हुई। परंतु दलीलों पर सुनवाई पूरी नही होने पर जमानत याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होगी।