आनंदीबेन पटेल : निरंतर गतिशील मुख्यमंत्री


दो साल में 1083 कार्यक्रमों में उपस्थित रहीं : 1 किलोमीटर से अधिक यात्राएं की
सूरत। गतिशील गुजरात की प्रेणता मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल का कहना है कि हमें ‘स्व’ का नहीं ‘पर’ का विचार करना चाहिए। वे सदैव जनहितार्थ कार्यो में प्रयासरत रहती हैं। आनंदीबेन पटेल ने पिछले दो सालों में कुल 1084 कार्यक्रमों में बतौर मुख्यमंत्री उपस्थित रहीं। लोकहित के लिए डेढ़ लाख किलोमीटर से अधिक की यात्राएं की। इन सबको करने के पीछे उनका मुख्य उद्देश्य यही है कि सरकारी सुविधाएं तत्काल लोगों तक पहुंच सके। जतहित को ध्यान में रखते हुए उन्होंने कई उपाय भी किए। जिससे गुजरात और गतिशील-प्रगतिशील बना है।
राज्य की पहली मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभालते ही आनंदीबेन ने गुजरात को गतिशील गुजरात का नया नारा दिया था। 2014 में उन्होंने गतिशील गुजरात कार्यक्रम की शुरूआत की थी। इस कार्यक्रम के साथ ही निर्धारित समय में लक्ष्य आधारित सेवाओं को पूरा करने का एक नया अभिगम गुजरात के प्रशासन को मिला। गुजरात की प्रगति लक्ष्य आधारित विकास योजनाओं से और तेज हुई है। कार्यक्रमों द्वारा सरकार एक कोने से दूसरे कोने तक पहुंचने में सफल रही है और लोगों को उनका अधिकार दिलाया है। सरकारी योजनाओं में तेजी और पारदर्शिता लाने के लिए जिस प्रकार से गतिशील गुजरात कार्यक्रम आयोजित किया गया उसी प्रकार मुख्यमंत्री आनंदीबेन ने जन समस्याओं के समाधान के लिए लोकसंवाद सेतु की शुरुआत की है। पहले साल यानी 2014-15 में इस कार्यक्रम को 87.27 प्रतिशत सिद्धि प्राप्त हुई है। यह कार्यक्रम इतना लोकप्रिय हुआ कि वर्ष 2015-16 में इसने 98 प्रतिशत सिद्धि हासिल की। लोकसंवाद सेतु के तहत अब तक 15 हजार से अधिक समस्याओं का निराकरण किया जा चुका है।
इसके अलावा राज्य सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में सरलीकरण लाने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सरकारी कामकाज में जनता को कोई परेशानी न हो इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार ने आय का प्रमाण-पत्र बनाने के लिए मामलतदार के साथ तहसील विकास अधिकारी को भी अधिकार सौंपा है। आय के साथ-साथ क्रिमिलेयर सर्टीफिकेट की मर्यादा को 1 साल से बढ़ाकर तीन कर दिया है। इस प्रयास से अनेक समस्याएं अपने आप ही हल हो गयी हैं। इसी प्रकार राज्य सरकार ने राजस्व के अटपटे नियमों को भी सरल बनाया है। राज्य सरकार ने सबसे ज्यादा ध्यान किसानों पर दिया है। किसानों को अधिक से अधिक लाभ दिलाने के लिए अनेक सुधार किए हैं। राज्य के सभी रेवन्यू रिकार्ड को सरकार ने आनलाइन कर दिया है। राज्य के 14,000 गावों में कृषि की जमीनों की चकबंदी पूरी कर ली गयी है। पूरे देश में जमीन का रि-सर्वे करने वाला एकमात्र राज्य गुजरात है। लगभग 3,000 गावों में रिकार्ड प्रमोलगेशन का काम हुआ है। जमीन के रि-सर्वे के रिकार्ड प्रमोलगेशन की भूलों को सुधारने के लिए गांव-गांव में सुविधा की गयी है। गतिशील कार्यक्रम से गुजरात के विकास में एक नया संचार हुआ है।
राज्य के गरीबों को अनाज उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने अन्नपूर्णा योजना शुरु की है। इस योजना का लाभ राज्य के 3.82 करोड़ नागरिकों को मिलेगा। गरीबों को उनका हक दिलाने के लिए सरकार गरीब कल्याण मेले के माध्यम से आठ चरणों में 24 हजार करोड़ की विभिन्न सहायता गरीबों का प्रदान की है। इससे करीबन 1 करोड़ गरीब लाभान्वित हुए हैं। राज्य सरकार जरूरतमंद लोगों तक पारदर्शी रूप से विकास पहुंचे इसे लेकर चिंतित है। इससे गतिशील गुजरात के विकास की गति और तेज हुई है।