अमरनाथ यात्रा पर गए गुजरातियों की व्यथा : पानी की बोतल 100 रूपए में


48 घंटे बाद भी मदद की कोई उम्मीद नहीं
अहमदाबाद। जम्मू कश्मीर में हिंसा भड़कने के बाद अमरनाथ यात्रा रोक दी गयी है। जिसमें हजारों लोग फंसे हुए हैं। गुजरात से अमरनाथ यात्रा पर जाने वालों की हालत सबसे ज्यादा खराब है। सौराष्ट्र के पास कन्वीनर ललित वसोया भी अमरनाथ यात्रा में फंसे हुए हैं। ललित वसोया ने बताया कि 48 घंटे बाद भी यहां मदद की कोई उम्मीद दिखाई नहीं देती। खाने-पीने के सामानों की लूट मची हुई है। दुकानदार मनमानी कीमत वसूल रहे हैं। 100 रूपए में पानी की बोतल बिक रही है। रेलवे स्टेशन पर दो दिनों से यात्री ठहरे हुए हैं। गुजरात के 4500 से अधिक यात्री यहां फंसे हुए हैं।
ललितभाई ने बताया कि वाहनों का कांच तोड़ दिया गया है। पथराव से वाहनों को भारी नुकसान हुआ है। जम्मू में फंसे यात्रियों ने सांसदों, विधायकों और नेताओं को फोन करके मदद की गुजारिश की किंतु 48 घंटे बाद भी कोई मदद नहीं मिल सकी। जम्मू आने वाली ट्रेन में भारी संख्या में गुजराती अमरनाथ जाने के आ रहे हैं। जब तक स्थिति नियंत्रित न हो तब तक आने वाले यात्रियों को रोकना चाहिए।
अन्य यात्रियों ने बताया कि यहां का माहौल देखकर काफी डर लग रहा है। जब तक सुरक्षित घर नहीं पहुंच जाते तब तक भय बना रहेगा। सरकार को यहां फंसे यात्रियों की मदद करनी चाहिए। जम्मू में बर्फ गिरने से बुजुर्ग यात्रियों की तबियत खराब होने लगी है। टेंट में चल रहे होस्पिटलों में दवाई के लिए लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई हैं।
किस जिले के कितने यात्री फंसे

वडोदरा -1120
अमरेली-611
खेडा-392
महेसाणा-335
भावनगर-540
गीर सोमनाथ-216
वलसाड-200
सूरत-150
भरूच-120
जामनगर-120
नवसारी-110
जूनागढ़-100
पंचमहाल-83
तापी-56
छोटा उदयपुर-45
पाटण-43
पोरबंदर-41
दाहोद-41
साबरकांठा-75
कच्छ-40
अहमदाबाद-40
महिसागर-12