अब स्कूलों में डोनेशन पर हार्दिक ने लिखा पत्र


सूरत। लाजपोर जेल में बंद पाटीदार आरक्षण आंदोलन के कन्वीनर हार्दिक पटेल का एक और पत्र सामने आया है। जिसमें स्कूलों-कॉलजों में डोनेशन के खिलाफ लडऩे का आह्वान किया गया है। हार्दिक ने पत्र में मुख्यमंत्री पर प्रहार करते हुए कहा कि आज आरक्षण मांगने में डोनेशेन प्रथा मुख्य हिस्सा है। इसे मुख्यमंत्री भी स्वीकार कर चुकी हैं। राज्य के शिक्षा क्षेत्र में इनका कोई जोर नहीं लग पा रहा है।
रविवार को लाजपोर जेल से हार्दिक पटेल का पत्र बाहर आया है। हार्दिक पटेल ने लिखा है कि कम मार्क पाने के डर से आत्महत्या करने के लिए मजबूर होने के पीछे शिक्षा का व्यापारीकरण ही मूल कारण है। डोनेशन के रूप में शिक्षा का खुलेआम व्यापार हो रहा है।

डोनेशन का विरोध करने की अपील
हार्दिक पटेल के माध्यम से पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति तथा राज्य की संस्थाओं से अपील की है कि गरीब परिवारों से लाखों-करोड़ों रूपए डोनेशन लेने वाले स्कूलों-कालेजों का विरोध कर गरीब युवकों को न्याय दिलाएं। डोनेशन का विरोध करने के लिए अग्रणियों को सामने आना होगा। हार्दिक ने प्रवेश के इच्छुक छात्रों और उनके परिवारों से डोनेशन मांगने वाले स्कूलों-कालेजों के ट्रस्टी, प्रिंसिपल अथवा बिचौलिये का नाम पास कन्वीनरों को देने की अपील भी की है। हार्दिक ने पास कन्वीनरों को सूचित किया है कि डोनेशन मांगने वाले स्कूलों-कॉलेजों का नाम सामने आते ही उनके खिलाफ धरना-प्रदर्शन शुरु किया जाए। अहिंसक आंदोलन करके ऐसे चेहरों को सामने लाना चाहिए। राज्य के युवकों के भविष्य के लिए यह कदम तत्काल उठाया जाना चाहिए।