टेनिस में पदक जीतना सपना सच होने जैसा : अंकिता रैना (साक्षात्कार)


(Photo: IANS)

एजाज अहमद

नई दिल्ली| जकार्ता एशियाई खेलों में महिला एकल में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टेनिस खिलाड़ी अंकिता रैना ने कहा कि इस खेल में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतना उनके लिए सपना सच होने जैसा है।

अंकिता को जकार्ता में हुए 18वें एशियाई खेलों में टेनिस के महिला एकल के सेमीफाइनल मुकाबले में वर्ल्ड नंबर-34 चीन की शुआई जैंग से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। सानिया मिर्जा के बाद अंकिता दूसरी भारतीय खिलाड़ी हैं जिन्होंने एकल में पदक जीता है।

अंकिता की इस उपलब्धि पर क्रिकेट स्टार विरेन्द्र सहवाग ने कुछ इस प्रकार उन्हें बधाई दी थी।

अंकिता ने यहां भारतीय ओलम्पिक संघ (आईओए) द्वारा आयोजित सम्मान समारोह से इतर आईएएनएस के साथ एक साक्षात्कार में कहा,

एशियाई खेलों में देश के लिए पदक जीतना मेरे और मेरे परिवार के लिए गर्व की बात है। मुझसे पहले केवल सानिया मिर्जा ने ही एकल में पदक जीता था। मेरा शुरू से ही सपना था कि मैं भारत के लिए खेलूं और पदक जीतूं और मेरा यह सपना अब पूरा हो गया है।”

25 वर्षीय अंकिता मौजूदा समय में महिला एकल में नंबर-1 भारतीय खिलाड़ी हैं। उन्होंने अपने करियर में अब तक छह एकल और तीन युगल आईटीएफ टूर खिताब जीते हैं। वह मौजूदा समय में विश्व रैंकिंग में 197वें नंबर पर हैं। वह तीसरे ऐसे भारतीय हैं जो विश्व में शीर्ष-200 में हैं।

उन्होंने कहा,

एशियाई खेलों में मैं अपनी पूरी तैयारी करके स्वर्ण जीतने के इरादे के साथ गई थी, लेकिन सेमीफाइनल में मेरा मुकाबला जिससे हुआ वह विश्व में शीर्ष-30 खिलाड़ियों में आती है। अगर आप मैच देखें तो यह काफी नजदीकी मुकाबला रहा था और मुझे लगता है कि उन्हें अनुभव का भी फायदा मिला।”

एमकॉम की पढ़ाई कर रहीं अंकिता अभी अंतर्राष्ट्रीय टेनिस महासंघ (आईटीएफ) के लेवल-3 के कोच हेमंत बेंद्रे के मार्गदर्शन में अपने अगले टूर्नामेंटों की तैयारी में जुटी हुई हैं। वह पिछले 11 साल से कोच हेमंत के निर्देशन में ट्रेनिंग कर रही हैं।

अंतर्राष्ट्रीय टेनिस में राफेल नडाल और सेरेना विलियम्स को अपना आदर्श मानने वाली अंकिता ने कहा, “बहुत से लोगों ने मुझसे पूछा और यह सुझाव दिया कि आप बाहर क्यों नहीं जाते। हेमंत सर दूसरे भारतीय कोच हैं जिन्हें आईटीएफ के लेवल-3 का अनुभव है। हालांकि मेरा मानना है कि आपको अपने कोच पर भरोसा होना चाहिए और मुझे है, तभी मैं पिछले 11 साल से उनके मार्गदर्शन में ट्रेनिंग कर रही हूं।”

गुजरात के अहमदाबाद की रहने वाली अंकिता ने इससे पहले 2016 के दक्षिण एशियाई खेलों में महिला एकल और मिश्रित युगल में स्वर्ण पदक अपने नाम किए थे। मौजूदा समय में वह ओएनजीसी में कार्यरत हैं।

अंकिता ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2013 में जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब मैं भारत में रैंकिंग में नंबर-1 बनीं थी और मैंने उनसे मुलाकात की थी। इससे पहले मुझे काफी वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। लेकिन जब मैंने मोदी जी को अपनी समस्याएं बताई थी तो उन्होंने मुझसे कहा कि आप अपने खेल पर ध्यान दो बाकी सब ठीक हो जाएगा। श्री मोदी जी का आशीर्वाद है कि मैं यहां तक पहुंची हूं।”

यह पूछे जाने पर कि राज्य सरकार की तरफ से उन्हें किस तरह की सुविधाएं मिल रही हैं, अंकिता ने कहा, “गुजरात सरकार और गुजरात खेल प्राधिकरण की ‘शक्तिदूत’ योजना से सिर्फ मुझे ही नहीं बल्कि अन्य एथलीटों को भी काफी फायदा हुआ है। जकार्ता में पदक जीतने के बाद राज्य सरकार ने जिस तरह से मेरा स्वागत किया था, उसके बारे में मैं कभी सोचा भी नहीं था।”

अंकिता ने अपने लक्ष्य के बारे में पूछे जाने पर कहा कि अब उनका लक्ष्य विश्व रैकिंग में शीर्ष-100 में जगह बनाने के साथ-साथ टोक्यो ओलम्पिक-2020 में अपने देश के लिए पदक जीतना है।

अंकिता का पदक जीतने के बाद गुजरात आगमन पर भव्य स्वागत किया गया था।

–आईएएनएस