क्या आईएसएल का खिताब बचा पाएगा चेन्नयइन एफसी?


नई दिल्ली। इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के शुरुआती चार सीजन में सिर्फ दो टीमें ही विजेता के तौर पर सामने आई हैं। एटलेटिको दे कोलकाता (जिसे अब एटीके के नाम से जाना जाता है) ने 2014 और 2016 में खिताब जीता जबकि चेन्नयइन एफसी ने 2015 तथा 2017-18 में खिताब अपने नाम किया। ये दोनों क्लब एक बार भी अपना खिताब बचाने में कामयाब नहीं हो सके। अब जबकि नया सीजन शुरू होने वाला है, यह देखना रोचक होगा कि क्या चेन्नयइन एफसी अपना खिताब बचाने में सफल हो पाता है?

चेन्नयइन एफसी के कोच जान ग्रेगोरी कहते है कि बीते साल खिताब जीतना शानदार अनुभव रहा। ग्रेगोरी पहले एसे इंग्लिश कोच हैं, जिन्होंने यह खिताब जीता है। उनसे पहले और उनके साथ नौ इंग्लिश कोच आईएसएल में काम कर चुके हैं लेकिन यह सफलता किसी को नहीं मिली थी।

ग्रेगोरी ने आईएएनएस से फोन पर कहा, “मुझे नहीं लगता कि बीते साल खिताब जीतने की जो खुशी थी, वह अब कम हो चुकी है। मैं क्लब के लिए नया अध्याय लिखने के मकसद से यहां आना चाहता था और इसी को ध्यान में रखते हुए हमने नए सीजन के लिए कुछ नए खिलाड़ियों के साथ करार किए।”

चेन्नयइन ने बीते साल के अपने अधिकांश खिलाड़ियो को रीटेन किया है। इसके अलावा इस क्लब ने इसाक वेनलालसावमा, श्रीनिवासन पांडियान और आंद्रिया ओर्लाडी जैसे कुछ नए चेहरों को भी अपने साथ जोड़ा है। इसके बावजूद एस्टन विला के पूर्व खिलाड़ी और कोच ग्रेगोरी को अच्छी तरह पता है कि बीते सीजन की उपलब्धियों को गिनते हुए नए सीजन में खिताब नहीं जीता जा सकता और इसके लिए उनकी टीम को कड़ी मेहनत करनी होगी।

ग्रेगोरी ने कहा, “हम बीते साल की चर्चा सिर्फ रेफरेंस के लिए कर सकते हैं। हम बार-बार इसे अपनी बातों में नहीं ला सकते। हमें नए सिरे से काम करना होगा। हमें खिताब बचाने का वह काम करना है, जो अब तक कोई टीम नहीं कर पाई है। यह आसान नहीं होगा।”

ग्रेगोरी ने माना कि खिताब को बचाने के लिए वह इंग्लिश क्लब मैनेचेस्टर युनाइटेड के महान कोच एलेक्स फग्र्यूसन की थियोरी को अमल में लाएंगे।

ग्रेगोरी ने कहा, “अगर आप सर एलेक्स फग्र्यूसन और मैनेचेस्टर युनाइटेड को देखें तो उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान विभिन्न सहायक कोचों की सेवाएं ली थीं। वह लगातार कोच बदलते रहे और नए कोच नई तकनीक लाते रहे। हर दो साल के बाद फर्गी ने कोच बदल डाले। नए कोच लाने के पीछे मेरी भी यही सोच है। जो खिलाड़ी पिछले साल भी हमारे साथ थे, नए सीजन में अगर अभ्यास के नए तरीके और नए विचार देखते हैं तो यह टीम में नई ऊर्जा का संचार करेगी।”

चेन्नयइन एफसी कोच ने अपने कोचिंग स्टाफ में पहले ही बदलाव कर दिए हैं। वह इंग्लिश कोच पाल ग्रूव्स और गोलकीपिंग कोच केविन हिचकाक को अपने सहायक के तौर पर लेकर आए हैं। इससे भी खास बात यह है कि ग्रेगोरी उसी तरह की बेचैनी और उत्साह के साथ नए सीजन में लौटे हैं, जो उन्होंने बीते सीजन में दिखाई थी।

नए सीजन के लिए ग्रेगोरी ने सोच-समझकर तैयारी की है। प्री-सीजन वेन्यू के तौर पर टीम ने मलेशिया को चुना और इस वेन्यू का चयन काफी सोच-विचार कर ही किया गया। मलेशिया में आद्रता भारत जैसी ही है लेकिन इस देश में विश्वस्तरीय कोचिंग फसिलिटी है।

गोरी और उनकी टीम का आधार मजबूत है और इसमें कुछ बदलावों के साथ कोच अपनी टीम को नए सिरे से खिताब बचाने सम्बंधी चुनौतियां स्वीकार करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। किसको पता कि यह टीम वह कारनाम कर दिखाए, जो बीते चार सीजन में कोई क्लब नहीं कर पाया है।

-आईएएनएस