क्रिकेट विश्व कप 2019 के प्रारुप में इस बार होने जा रहे बदलाव


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मुम्बई (ईएमएस)। इंग्लैंड में 30 मई से एकदिवसीय विश्व कप में इस बार पहले की अपेक्षा कई बदलाव नजर आयेंगे। इस बार प्रारुप में बदलाव होने से राउंड रोबिन फॉरमेट में टीमें संघर्ष करेंगी। इस बार राउंड रोबिन फॉर्मेट में विश्व कप का आयोजन होगा, जहां हर टीम को विश्व कप में हिस्सा लेने वाली सभी टीमों से खेलना होगा। राउंड रोबिन प्रारुप विश्व कप में दूसरी बार इस्तेमाल किया जा रहा। सबसे पहले 1992 में ऑस्टे्लिया और न्यूजीलैंड की संयुक्त मेजबानी में हुए विश्व कप में इसे इस्तेमाल किया गया था।

विश्व कप के 12वें संस्करण में कुल 10 टीमें हिस्सा ले रही हैं और राउंड रोबिन प्रारुप के हिसाब से हर टीम को नौ मैच खेलने हैं। यह प्रारूप इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में भी इस्तेमाल किया जाता है।

46 दिनों तक चलने वाले इस विश्व कप में कुल 48 मैच खेले जाएंगे। अंकतालिका में शीर्ष-4 टीमें सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी और फिर दो टीमें 14 जुलाई को लॉर्ड्स मैदान पर खिताबी जंग होगी। यह प्रारूप किसी भी टीम के लिए आसान नहीं होगा क्योंकि इस प्रारूप की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि टीम को अगले दौर में जाने के लिए निरंतर अच्छा प्रदर्शन करना होता है और अगर टीम राह भटकती है तो कई बार दूसरी टीमों के प्रदर्शन पर भी उसका अगले दौर का सफर टिका रहता है।

इस विश्व कप में पहले ही अपेक्षा टीमों की संख्या भी घटाई गई हैं। विश्व कप के बीते संस्करणों में 12 या 14 टीमें हिस्सा लेती थीं, लेकिन इस बार क्वालिफिकेशन में भी बदलाव किए गए थे। आईसीसी रैंकिंग में शीर्ष-8 में रहने वाली टीमें स्वत: ही विश्व कप के लिए क्वालिफाइ कर गई थीं जबकि बाकी के दो स्थानों के लिए क्वालिफिकेशन टूर्नमेंट आयोजित किया गया था, जिससे वेस्ट इंडीज और अफगानिस्तान ने अपनी जगह पक्की की थी। राउंड रोबिन प्रारूप से बेशक विश्व कप लंबा होगा लेकिन प्रतिस्पर्धा की कमी कि गुंजाइश नहीं है।