सिडनी टेस्ट से शुरू होगा टीम इंडिया का विराट दौर


सिडनी । सिडनी में आस्टे्रलिया के खिलाफ छह जनवरी से होने वाले चौथे और अंतिम टेस्ट के साथ ही भारतीय क्रिकेट टीम का नया विराट दौर शुरू होगा। साल २०१४ के अंत में कप्तान महेंद्र िंसह धोनी के अचानक टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अब भारतीय टेस्ट टीम की कमान विराट के हाथों में आई है।
धोनी ने मंगलवार को मेलबोर्न में आस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरा टेस्ट ड्रा समाप्त होने के कुछ देर बाद टेस्ट क्रिकेट से अपने संन्यास की घोषणा कर सबको हैरान कर दिया था। धोनी ९० टेस्टों के साथ मौजूदा टीम इंडिया में सबसे अनुभवी खिलाड़ी थे। धोनी के बाद टीम इंडिया में अब तेज गेंदबाज इशांत शर्मा ६१ मैचों के साथ सबसे अनुभवी खिलाड़ी हैं इसके बाद कप्तान विराट का नंबर है। विराट ने ३२ टेस्ट खेले हैं। इनके अलावा मौजूदा टीम के अन्य खिलाड़ियों के पास अंतरराष्ट्रीय अनुभव की भारी कमी है जिसे देखते हुये कहा जा सकता है कि विराट की अगुवाई में भारतीय टेस्ट क्रिकेट में नया दौर शुरू होने जा रहा है। अब देखना है युवाओं से भरी टीम क्या करती है। अिंजक्या रहाणे ने १३ टेस्ट , मोहम्मद शमी ने ११, उमेश यादव ने ११, रोहित शर्मा ने नौ, वरूण आरोन ने पांच और विकेटकीपर रिद्धिमान साहा ने तीन टेस्ट खेले है। इस सीरीज में पदार्पण करने वाले कर्ण शर्मा और लोकेश राहुल के नाम एक एक टेस्ट है।
अपने आक्रामक रवैये के लिये मशहूर विराट के पास ३२ मैचों का अनुभव है।
वहीें भारतीय टीम के अन्य खिलाड़ियों पर नजर डाली जाए तो ओपनर मुरली विजय ने ३० टेस्ट, चेतेश्वर पुजारा ने २७ और रविचंद्रन अश्विन ने २३ टेस्ट खेले है। ओपनर शिखर धवन के पास १३ मैचों का अनुभव है। चोट के कारण सीरीज से बाहर हो चुके तेज गेंदबाज भुवनेरश्वर कुमार ने ११ टेस्ट और आलराउंडर रवींद्र जडेजा ने १२ टेस्ट खेले है। पहले तीन टेस्टों में नजरअंदाज रहे बायें हाथ के बल्लेबाज सुरेश रैना ने १७ टेस्ट खेले है।
इस प्रकार सिडनी में जो भारतीय टीम खेलने उतरेगी वह निाqश्चत रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिहाज से अनुभवहीन होगी लेकिन यही टीम अब भारत को टेस्ट क्रिकेट में आगे ले जाने की जिम्मेदारी संभालेगी।