सिडनी टेस्ट ड्रॉ, भारत २-० से सिरी़ज हारा 


सिडनी । भारत और आस्ट्रेलिया के बीच खेली जा रही चार टेस्ट मैचों की सीरीज के अंतिम टेस्ट मैच ड्रॉ हो जाने के साथ ही चार मैचों की सीरीज में मेजबान ऑस्ट्रेलिया ने २-० से जीत ली है। चौथे टेस्ट में भारत की टीम मुाqश्कल से मैच ड्रॉ करा पाई। जीत के लिए जरूरी ३४९ रनों का पीछा करते हुए टीम इंडिया सात विकेट खोकर २५२ रन ही बना पाई। एक समय तो ऐसा लगने लगा था कि शायद भारत ये टेस्ट नहीं बचा सकेगा, लेकिन रहाणे और भुवनेश्वर कुमार ने फिर कोई नु़कसान नहीं होने दिया और मैच बचा लिया। आस्ट्रेलिया ने इस तरह २०१४-१५ की बार्डर गावस्कर ट्राफी अपने कब्जे में कर ली। सिरी़ज में शानदार प्रदर्शन करने वाले ऑस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीवन ाqस्मथ को ‘मैन ऑ़फ द मैच’ और ‘मैन ऑ़फ द सिरी़ज’ घोषित किया गया।
भारत का पहला विकेट पिछली पारी में शानदार सैकड़ा लगाने वाले राहुल के रूप में ४८ के कुल योग पर गिरा। राहुल ने ४० गेंदों का सामना कर तीन चौके लगाए। उनका विकेट नाथन लायन ने लिया। रोहित का विकेट १०४ के कुल योग पर गिरा। रोहित ने ९० गेंदों का सामना कर दो चौके और दो छक्के लगाए। रोहित और विजय के बीच ५६ रनों की साझेदारी हुई। दूसरी पारी में भारत की ओर से मुरली विजय ने सर्वाधिक ८० रन बनाए। मुरली विजय को जॉश हेजलवुड ने आउट किया। वहीं, कप्तान विराट कोहली भारतीय टीम को मजबूती की ओर बढ़ा ही रहे थे कि मिशेल स्टार्वâ की गेंद पर वॉटसन को वैâच देख बैठे। कोहली ने तीन चौकों की मदद से ४६ रन बनाए। सुरेश रैना एक फिर फ्लॉप रहे और बिना खाता खोले आउट हुए। विकेटकीपर-बल्लेबाज रिद्धिमान साहा ने भी टीम को निराश किया और खाता भी नहीं खोल पाए। पहली पारी में बल्ले से भी अच्छा प्रदर्शन करने वाले आर अश्विन दूसरी पारी में केवल एक रन ही बना सके। उन्हें जॉश हे़जलवुड ने एलबीडब्ल्यू किया।
इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी छह विकेट के नु़कसान पर २५१ रन बनाकर पारी समाप्त घोषित की थी जिससे उसकी कुल बढ़त ३४८ रन की हो गई थी। ाqस्मथ ने ७१ रन और बन्र्स ने ६६, और रॉजर्स ने ५६ रन बनाए. ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी सात विकेट पर ५७२ रन बनाकर पारी समाप्त की घोषणा कर दी थी।
इसके जवाब में भारत ने पहली पारी में ४७५ रन बनाए। चार मैचों की सिरी़ज में एडिलेड और ब्रिसबेन में खेले गए पहले दो टेस्ट भारत हार गया था जबकि मेलबर्न और सिडनी में खेले गए आ़िखरी दो टेस्ट ड्रा रहे।

रैना जीरो, रहाणे-भुवी हीरो
भारत को मैच जीतने के लिये ३४९ रन का लक्ष्य मिला था और उसने मैच ड्रा समाप्त होने तक ८९.५ ओवर में सात विकेट पर २५२ रन बनाये। दिन के अंतिम सत्र में जब अनिवार्य ओवर के लिये आखिरी घंटे का खेल शुरू हुआ तो उस दौरान भारत का सातवां विकेट २१७ के स्कोर पर गिर चुका था और लग रहा था भारत के लिये यह मैच बचाना काफी मुाqश्कल काम होगा। लेकिन तारीफ करनी होगी रहाणे और भुवनेश्वर कुमार की जिन्होंने सात आठ फील्डरों से घिरे रहने के बावजूद विकेट पर टिकने का गजब का धैर्य दिखाया और आस्ट्रेलिया को कोई मौका नहीं दिया। कोहली के आउट होने के बाद सुरेश रैना और रिद्धिमान साहा ने निराश किया। दोनों खिलाड़ी बिना खाता खोले आउट हो गए। रैना तो पहली पारी में भी खाता नहीं खोल पाए थे। इसके बाद आर अश्विन ने थोड़ा संघर्ष किया लेकिन वे भी २२ गेंद खेलने के बाद आउट हो गए। लेकिन फिर भुवनेश्वर कुमार और अिंजक्या रहाणे ने जबरदस्त धैर्य दिखाया और भारत को हार की कगार से उबार लिया। रहाणे ३८ और भुवी २० रन बनाकर नाबाद लौटे। दोनों बल्लेबाजों ने पूरी बहादुरी के साथ खेलते हुये एक एक ओवर निकाला। उस दौरान ड्रेिंसग रूम में सभी भारतीय खिलाडियों के चेहरे पर तनाव दिखाई दे रहा था। लेकिन जब आखिरी तीन ओवर बच गये तो एक एक गेंद गुजरने के साथ ड्रेिंसग रूम में सभी भारतीय खिलाडी तालियां बजाते रहे। आखिरी ओवर नाथन लियोन के हाथों में था और क्रीज पर सामने भुवनेश्वर कुमार थे।