सचिन के रहते विश्वकप जीतने से बेहद खुशी हुई : रिचर्डस


जमैका। विश्व के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटरों में शामिल रहे महान बल्लेबाज सर विवियन रिचर्डस ने कहा है कि सचिन तेंदुलकर के रहते भारत के विश्वकप जीतने से उन्हें बहुत खुशी हुयी थी। रिचर्डस ने कहा कि सचिन से उनका अलग तरह का भावनात्मक लगाव रहा है। रिचर्डस ने कहा विश्वकप २०११ में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। मुझे बहुत खुशी हुई कि सचिन ने विश्वकप टीम का हिस्सा रहते हुये ट्रॉफी अपने हाथों में उठाई। तब वेस्टइंडीज क्वार्टर फाइनल में हारने के बाद खिताबी दौड़ से बाहर हो गया था।
गौरतलब है कि १९७५ और १९७९ में विश्वकप जीतने वाली वेस्टइंडीज टीम का हिस्सा रहे रिचर्डस ने कहा २०११ में टूर्नामेंट में सचिन के होने के कारण मेरा एक अलग ही जुड़ाव था। यह वह समय था जब सचिन क्रिकेट से संन्यास लेने के बारे में सोच रहे थे।
वर्ष २०११ में भारत, श्रीलंका और बंगलादेश ने संयुक्त रूप से विश्वकप की मेजबानी की थी। वेस्टइंडीज के इस पूर्व बल्लेबाज ने कहा वह एक बिल्कुल अलग फार्मेट था और वेस्टइंडीज क्वार्टर फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान से हारकर बाहर हो चुकी था। जब भी आपकी टीम हारती है तो इस बात का दुख होता है।
रिचर्डस ने कहा विश्वकप २०११ का मेरे साथ अलग ही तरह का भावनात्मक जुड़ाव था और इसका मुख्य कारण सचिन हैं। यह वही समय था जब सचिन क्रिकेट से संन्यास लेने के बारे में विचार कर रहे थे।
उन्होंने कहा मुझे लगता है कि भारत के लिये वर्ष २०११ में विश्वकप अपने नाम करने का सबसे सुनहरा मौका था और उससे भी ज्यादा खुशी मुझे इस बात की थी जो सचिन ने क्रिकेट में रहते हुये किया।
सचिन के विश्वकप के बाद संन्यास लेने के बारे में उन्होंने कहा सचिन महान बल्लेबाजों में से एक हैं। उन्होंने क्रिकेट को नये र्कीितमान रचे और जो किया। वह बहुत अच्छा था। मुझे लगता है कि विश्वकप जीतने के बाद जब सचिन ने संन्यास लेने के बारे में सोचा होगा तो उनके पास वह होगा जिसपर वह गर्व कर सकते हैं। अपने परिश्रम और खेल के लिये प्रतिबद्धता जाहिर करने के लिये भी उनके पास बहुत कुछ था।
उन्होंने कहा सचिन बेहतरीन खिलाड़ी हैं और उनका खेलने का अपना अलग ही अंदाज है।