विश्व कप में बने रहने इंग्लैंड को दक्षिण अप्रâीका पर चाहिये जीत


– शाम साढ़े सात बजे से शुरू होगा मैच
मुंबई । आईसीसी विश्व कप ट्वेंटी२० क्रिकेट में शुक्रवार को इंग्लैंड का मुकाबला दक्षिण अप्रâीका से होगा। पहले ही मैच में वेस्टइंडीज से हारी इंग्लैंड को मुकाबले में बने रहने हर हाल में दक्षिण अप्रâीका को हराना होगा जो उसके लिए बेहद मुश्किल है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनो में ही दक्षिण अप्रâीकी टीम उससे कहीं आगे है।
दक्षिण अप्रâीका के पास एबी डिविलियर्स , डेविड मिलर और कप्तान फाफ डु प्लेसिस, हाशिम अमला, िंक्वटन डि कॉक और जेपी डुमिनी जैसे शीर्ष बल्लेबाज हैं। वहीं इंग्लैंड के लिये अहम यही रहेगा कि उसके ाqस्पनर आदिल राशिद और मोईन अली वैâसा प्रदर्शन करते हैं। इससे पहले २१ फरवरी को जोहानिसबर्ग के वांडर्स स्टेडियम में डेल स्टेन की अनुपाqस्थति में दक्षिण अप्रâीका ने इंग्लैंड को १७१ रन पर रोक दिया था। प्रोटियाज टीम ने यह लक्ष्य महज एक विकेट गंवाकर हासिल कर लिया था जिसमें सलामी बल्लेबाज डिविलियर्स और हाशिम अमला ने अर्धशतक बनाये। इस सीरीज के केप टाउन में हुए शुरूआती मैच में ताहिर ने इग्लैंड बल्लेबाजों को हैरान करते हुए चार विकेट प्राप्त किये और दक्षिण अप्रâीका ने सात विकेट गंवाकर १३४ रन का छोटा लक्ष्य हासिल कर लिया था।
स्टेन अब वापसी कर चुके हैं जिससे दक्षिण अप्रâीका का गेंदबाजी आक्रमण सचमुच ताकतवर दिखता है, हालांकि वानखेड़े की पिच उनके मैदानों से थोड़ी अलग है। इंग्लैंड की टीम अपने गेंदबाजी आक्रमण में थोड़ा पेâरबदल और अपनी रणनीतियों पर काम कर सकती है ताकि दक्षिण अप्रâीका को रोका जा सके। अगर इंग्लैंड को अपने तेज गेंदबाजी संयोजन को बदलना है तो उनके पास लियाम प्लंकेट है जिन्हें स्टीव फिन की जगह लाया गया था। उनके पास राशिद की जगह भरने के लिये लियाम डासन भी हैं।लेकिन सबसे सरल बात यही है कि इंग्लैंड के गेंदबाजों को दक्षिण अप्रâीका के खिलाफ एकजुट होकर प्रदर्शन करना होगा। आउटफील्ड पर ओस से गेंद गीली होने के कारण इसे पकड़ने में मुाqश्कल हो रही थी, जिससे टास अहम होगा। इंंंग्लैंड की बल्लेबाजी जो रूट, इयोन मोर्गन और जोस बटलर के साथ ही एलेक्स हेल्स पर निर्भर रहेगी।
टीमें इस प्रकार हैं:
दक्षिण अप्रâीका: फाफ डु प्लेसिस (कप्तान), कायल एबोट, हाशिम अमला, फरहान बेहारडियन, िंक्वटन डि कॉक :विकेटकीपर:, एबी डिविलियर्स, जेपी डुमिनी, इमरान ताहिर, डेविड मिलर, क्रिस मौरिस, आरोन फांगिसो, कागिसो राबाडा, रिली रोसोउ, डेल स्टेन और डेविड विसे।
इंग्लैंड : जेसन राय, जेम्स विन्स, एलेक्स हेल्स, जो रूट, मोईन अली, इयोन मोर्गन (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), बेन स्टोक्स, सैम बििंलग्स, डेविड विले, लियाम प्लंकेट, रीस टोपले, क्रिस जोर्डन, आदिल राशिद, लियान डॉसन।