विश्वकप : बदकिस्मती का दाग धोने उतरेगा द.अप्रâीका


नईदिल्ली । विश्व कप क्रिकेट में इस बार दक्षिण अप्रâीका टीम अपने ऊपर लगा बदकिस्मती का दाग धोना चाहती है। विश्व कप में आज तक यह टीम खिताब नहीं जीत पाई है। एक बार फाइनल में अंतिम क्षणों में आस्ट्रेलिया ने उसके हरा दिया था। यह एक ऐसी टीम है जिसमें विश्व के शीर्ष बल्लेबाज डीवियियर्स , हाशिम आमला आदि हैं , इसलिए इस बार इसका दावा काफी मजबूत है। एक सर्वे में ३५ फीसदी लोगों ने द.अप्रâीका के तेज गेंदबाजी क्रम को दुनिया का सबसे खतरनाक आक्रमण माना है। ऑस्ट्रेलिया २२ फीसदी के साथ दूसरे और १२ फीसदी के साथ पाकिस्तानी तेज गेंदबाजी तीसरे स्थान पर है। इसी सर्वे में ३५ फीसदी लोगों ने भारतीय बल्लेबाजी लाईन-अप को सर्वश्रेष्ठ माना है। ऑस्ट्रेलिया २६ और द.अप्रâीका १९ फीसदी के साथ क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। भारत अपनी क्षमता यानी बल्लेबाजी पर ही खेलेगा। दक्षिण अप्रâीका के खिलाफ शायद हमें पाकिस्तान के खिलाफ खेलने वाली ही टीम देखने को मिले। धवन और रैना का रंग में आना अच्छा संकेत है। द.अप्रâीका के खिलाफ कोहली के साथ अिंजक्या रहाणे ‘बैिंटग एंकर’ की भूमिका निभा सकते हैं। वहीं दक्षिण अप्रâीका पाकिस्तान से कहीं बेहतर टीम है। दक्षिण अप्रâीकी बल्लेबाजी में कितनी गहराई है इसका अंदाजा पहले मैच में ही मिल गया जहां जिम्वाब्बे के खिलाफ ८३-४ से वापसी करते हुए उसने ३३९ रन बनाये अगर भारत को आने वाले रविवार को भी जीतना है तो मोहम्मद शमी के साथ उमेश यादव को भी अपनी रफ्तार तेज करनी होगी। दक्षिण एशियाई टीमों की क्षमता उनकी गेंदबाजी या बल्लेबाजी रहती है लेकिन द.अप्रâीका की टीम अपने क्षेत्ररक्षएण से भी २०-२५ रनों का अंतर पैदा कर देती है। भारतीय बल्लेबा़जों को ध्यान रखना होगा कि अगर वैâच उछले तो उनका विकेट जाना तय है।