विश्वकप : कड़ी मश्क्कत से जीते कंगारू


– मैक्सवेल के जवाब में संगकारा का शतक
– चांदीमल ने खेली आतिशी अर्धशतकीय पारी
– ऑस्ट्रेलिया ने श्रीलंका को ६४ रनों से हराया
सिडनी। ऑस्ट्रेलिया ने यहां सिडनी मैदान पर खेले गये एक रोमांचक मुकाबले में श्रीलंका को ६४ रनों से करारी शिकस्त दी। इस मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए ग्लेन मैक्सवेल के सबसे तेज शतक (१०२) रनों की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने निर्धारित ५० ओवरों में ३७६ रन बनाये। इस प्रकार श्रीलंका को ३७७ रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य मिला। जवाब में श्रीलंकाई टीम ने बेहद साहसिक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया पर एक बेहद बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए वह ४६.२ ओवर में ३१२ रन ही बना पाई। श्रीलंका की और से अनुभवी कुमार संगकारा ने शानदार शतक लगाया। संगकारा ने १०४ रन बनाये। वहीं सलामी बल्लेबाज तिलकरत्ने दिलशान ने आतिशी बल्लेबाजी करते हुए एक ही ओवर में छह चौके लगाकर ६० गेंदों पर ६२ रन बनाये। तिलकरत्ने और संगकार के बीच शतकीय साझेदारी हुई। इसके बाद दिनेश चांदीमल (५२) ने तूफानी पारी खेलते हुए २६ गेंदों पर शानदार अर्धशतक ठोका।
लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका को पहला झटका थिरिमाने के रूप में लगा, जॉनसन की गेंद पर लंकाई ओपनर का वैâच विकेट के पीछे ब्रैड हैडिन ने पकड़ा। थिरिमाने ने एक रन ही बनाया था। इसके बाद कुमार संगकारा के साथ तिलकरत्ने दिलशान ने तूफानी पारी खेली।
दिलशान और जयवर्धने के आउट होने के बाद संगकारा ने अपना शतक पूरा किया। बाएं हाथ के बल्लेबाज ने एक शानदार पारी खेली और १०७ गेंदों पर नाबाद १०४ रन बनाए। दूसरे विकेट के लिए संगकारा और दिलशान ने दूसरे विकेट के लिए १३० रनों की साझेदारी की।
संगकारा के आउट होने के बाद लंकाई पारी को आगे बढ़ाने का जिम्मा कप्तान एंजेला मैथ्यूज और चंडीमल ने उठाया। दोनों बल्लेबाजों से तेजी से रन जोड़े और स्कोर को २५० के आगे पहुंच गया। इसी दौरान चंडीमल ने खासा आक्रामक रुख अपनाया और ११ गेंदों में ही में ५ चौके और १ छक्का लगा दिया।
इसके बाद एक रन लेने के प्रयास में चांदीमल को मांसपेशियों में खिंचाव के कारण मैदान से बाहर जाना पड़ा। यहीं से लंकाई पारी दबाव में आने लगी। कप्तान मैथ्यूज के आउट होते ही श्रीलंका की बची हुई उम्मीदें भी टूट गर्इं। इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने एक के बाद एक विकेट गिरा दिये।
इससे पहले आस्ट्रेलियाई पारी के दौरान ग्लेन मैक्सवेल सभी के आकर्षण का केन्द्र रहे।
मैक्सवेल ने शानदार १०२ रन बनाये। मैक्सवेल ने केवल ५१ गेंदों पर शतक लगाया। इस प्रकार वह सबसे तेजी से शतक लगाने वाले पहले आस्टे्रेलियाई बल्लेबाज बन गये हैं।
मैक्सवेल ने वल्र्ड कप इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक लगाया। यह उनके करियर का पहला शतक है। मैक्सवेल ने ५३ गेंदों का सामना कर १० चौके और चार छक्के लगाए।
मैक्सवेल के अलावा स्टीवन ाqस्मथ ने ७२, कप्तान माइकल क्लार्वâ ने ६८ और शेन वॉटसन ने ६७ रनों का योगदान दिया। ४१ रन के कुल योग पर एरॉन िंफच (२४) और डेविड वार्नर (९) का विकेट गिरने के बाद ाqस्मथ और क्लार्वâ ने तीसरे विकेट के लिए १३४ रनों की साझेदारी की।
क्लार्वâ का विकेट १७५ के कुल योग पर गिरा। क्लार्वâ ने ६८ गेदों पर छह चौके लगाए। ाqस्मथ १७७ के कुल योग पर आउट हुए। ाqस्मथ ने ८८ गेंदों का सामना कर सात चौके और एक छक्का लगाया।
इसके बाद मैक्सवेल और वॉटसन ने पांचवें विकेट के लिए १६० रनों की साझेदारी की।
मैक्सवेल ने पहले २६ गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया और फिर ५१ गेंदों पर शतक लगाया। यह वल्र्ड कप इतिहास में दूसरा सबसे तेज शतक है।
मैक्सवेल का विकेट ३३७ के कुल योग पर गिरा। एक रन के बाद जेम्स फॉकनर (०) भी रन आउट हो गए, लेकिन इसके बाद वॉटसन ने ब्रैड हेडिन (२५) के साथ सातवें विकेट के लिए ३० रन जोड़े। वॉटसन ४१ गेंदों का सामना करने के बाद छह चौके और दो छक्के लगाकर आउट हुए।
यह विकेट ३६८ के कुल योग पर गिरा. पारी के अंतिम ओवर की तीसरी गेंद पर थिसारा परेरा ने हैडिन को एंजेलो मैथ्यूज के हाथों वैâच कराया। हैडिन ने नौ गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया। फिर अगली ही गेंद पर मिशेल स्टार्वâ (०) रन आउट हो गए।अंतिम पांच ओवरों में ऑस्ट्रेलिया ने ५६ रन बनाए और पांच विकेट गंवाए। श्रीलंका की ओर से लसिथ मिंलगा और परेरा ने २-२ विकेट लिए, जबकि मैथ्यूज, सेकुगे प्रसन्ना और तिलकरत्ने दिलशान को १-१ सफलता मिली।