न्यू़जीलैंड के पूर्व कप्तान मार्टिन क्रो नहीं रहे


क्राइस्टचर्च। न्यू़जीलैंड के पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज रहे र्मािटन क्रो का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है। ५३ साल के क्रो पिछले चार साल से वैंâसर से पीड़ित थे। इस बीमारी का इलाज २०१२ में हो गया, पर दो साल बाद ही बीमारी लौट आई। इसके अलावा वह एक गंभीर रक्त संबंधी रोग से भी पीड़ित हो गये, क्रो ने कीमोथेरेपी लेने से इनकार कर दिया और प्राकृतिक इलाज के साथ घर पर रहकर ही इलाज कराया। क्रो ने कहा कि इससे उन्हें इस बात का अंदा़ज है कि िं़जदगी में क्या ़जरूरी है और वो उसका आनंद उठा सवेंâगे। पिछले साल विश्व कप से पहले क्रो ने कहा था कि इस दुनिया से जाने से पहले वो अपनी टीम को विश्व कप जीतते देखना चाहते हैं। कीवी टीम विश्व कप तो नहीं जीत सकी थी लेकिन उनके प्रदर्शन से क्रो काफी खुश थे। क्रो ने ७७ टेस्ट में ५४४४ रन बनाए, ४५.३६ की औसत से बनाए जिसमें १७ शतक और १८ अर्धशतक शामिल रहे।
टेस्ट में क्रो का सर्वश्रेष्ठ स्कोर २९९ रन उन्होंने १९९१ में श्रीलंका के खिलाफ बनाया था और वो २०१४ तक न्यू़जीलैंड का टेस्ट में सर्वश्रेष्ठ स्कोर रहा जब ब्रेंडन मेक्कलम ने भारत के खिला? ३०२ रनों की पारी खेल कर उसे तोड़ा। यही नहीं क्रो के १७ शतक अब तक न्यू़जीलैंड की तरफ से किसी खिलाड़ी के टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक के तौर पर दर्ज हैं। इसके अलावा क्रो के ४५.३९ की औसत से हाल ही में केन विलियमसन और रॉस टेलर जैसे खिलाड़ी आगे निकल सके हैं। वहीं उन्होंने १४३ वनडे मैच भी खेले, जिसमें अन्होंने ३८.५५ की औसत से ४७०४ रन बनाए। इसमें ४ शतक और ३४ अर्धशतक भी शामिल हैं। वह पिछले वर्ष आईसीसी हॉल ऑफ पेâम में शामिल किए जाने वाले विश्व के ७९वें और न्यू़जीलैंड के तीसरे खिलाड़ी बने। क्रो ने १९ साल की उम्र में १९८२ में डेब्यू किया और १४ साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला। वो एक सफल क्रिकेटर, कॉमेंटेटर और ऑथर रहे। १९८५ में उन्हें वि़जडेन क्रिकेटर ऑफ द इयर और १९९१ में उन्हें न्यू़जीलैंड स्पोट्र्समैन ऑफ द इयर का अवार्ड दिया गया।