नाराज ब्रावो ने टेस्ट क्रिकेट को कहा अलविदा 


पोर्ट ऑफ स्पेन। वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड (डब्ल्यूआईसीबी) द्वारा लगातार नजरअंदाज किए जाने से नाराज वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर ड्वेन ब्रावो ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी। ब्रावो को पिछले चार वर्षों से टेस्ट टीम में शामिल नहीं किया जा रहा था और कुछ दिनों पहले ही उन्हें वेस्टइंडीज की वन-डे टीम से भी बाहर कर दिया था। ३१ वर्षीय ब्रावो ने ४० टेस्ट मैचों में वेस्टइंडीज का प्रतिनिधित्व किया। वे दिसंबर २०१० के बाद से टेस्ट टीम से बाहर चल रहे थे। उन्हें कुछ समय पहले ही वन-डे टीम की कप्तानी से हटाया गया था। साथ ही उन्हें दक्षिण अप्रâीका दौरे और आईसीसी विश्व कप के लिए वन-डे टीम में शामिल नहीं किया था। ब्रावो ने बताया कि उन्होंने डब्ल्यूआईसीबी को अपने इस पैâसले के बारे में अवगत करा दिया है। वे वन-डे और ट्वेंटी-२० प्रारूप में खेलना जारी रखना चाहते हैं। ब्रावो ने २००४ में इंग्लैंड के खिलाफ वन-डे के जरिए अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था। उन्हें २०१३ में डैरेन सैमी की जगह वन-डे टीम की कमान सौंपी गई थी। पिछले वर्ष भारत के विवादास्पद ढंग से बीच में रद्द हुए दौरे में उन्होंने खिलाड़ियों के प्रवक्ता की भूमिका निभाई थी। इस दौरान उनका डब्ल्यूआईसीबी और प्लेयर्स यूनियन (डब्ल्यूआईपीए) से लगातार टकराव हुआ था। इसके बाद इन्हें दक्षिण अप्रâीकी दौरे और विश्व कप के लिए टीम से बाहर कर दिया गया था। ब्रावो ने कहा- पिछले कई वर्षों से मैंने अपनी तरफ से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का प्रयास किया। मैं इस बात से पूरी तरह वाकिफ था कि मैं लोगों के खेल का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं। हमने अपने प्रदर्शन से क्षेत्र के लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने का प्रयास किया।