टीम इंडिया विश्वकप में जीत की प्रबल दावेदार : धोनी


कोलकाता । टीम इंडिया के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने कहा है कि भारतीय टीम की तैयारियां पूरी हैं और वह टी-२० विश्व कप क्रिकेट में किसी को भी हराने की क्षमता रखती है। धोनी ने कहा कि टीम बेहद संतुलित है और हाल में मिली जीत से टीम का मनोबल भी काफी अच्छा है। ऐसे में टीम खिताब की प्रबल दावेदार है। वहीं धोनी ने कहा कि टी-२० प्रारूप में परिणाम कुछ भी हो सकता है। इसलिए कुछ भी तय मानकर नहीं चला जा सकता। मानकर चलने का जोखिम नहीं उठाया जा सकता है। भारत ने ऑस्ट्रेलिया को उसकी सरजमीं पर टी-२० श्रृंखला में हराया, फिर श्रीलंका को अपने मैदानों पर मात दी और हाल में बांग्लादेश में एशिया कप जीता। इस दौरान धोनी की टीम ने केवल एक मैच गंवाया और इस तरह से वह २००७ के बाद दूसरा विश्व टी-२० खिताब जीतने की मजबूत ाqस्थति में दिख रही है। उन्होंने कहा कि २०११ विश्व कप जीत के समय टीम की तैयार वैâसी थी वह अब याद नहीं है पर जहां तक इस बार है हमारी तैयारियां काफी अच्छी हैं। इसके बाद भी टीम मैच के दिन वैâसा खेलती है जीत उसपर निर्भर करती है। इसलिए पहले से कुछ नहीं कहा जा सकता। हमारा लक्ष्य मैच में अपनी ताकत लगा देना रहेगा।
धोनी ने टूर्नामेंट से पूर्व कहा, मुझे लगता है कि हम अभी बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं। हमें यह देखना होगा कि पहली गेंद से हमारा ध्यान होना चाहिए। मेरा मानना है कि प्रत्येक खिलाड़ी तैयार है। मुख्य ड्रॉ के मैच १५ मार्च से शुरू होंगे और भारत अपना पहला मैच इसी दिन नागपुर में न्यूजीलैंड से खेलेगा। धोनी ने कहा, हम यह नहीं कह सकते कि टूर्नामेंट भारत में हो रहा है तो हमारी जीत तय है। विशेषकर छोटे प्रारूप में अंतर बेहद कम हो जाता है। प्रत्येक टीम के पास मौका है। यदि हम अपनी क्षमता से खेलते हैं और अपनी रणनीतियों के अनुसार चलते हैं तो निाqश्चत तौर पर हमारी जीत की संभावनाएं अधिक हैं।
धोनी ने कहा कि उन्हें यह देखकर बहुत राहत मिली कि युवा जसप्रीत बुमराह और र्हािदक पंडया और वापसी करने वाले आशीष नेहरा टीम की जरूरतों में फिट बैठ गए। उन्होंने कहा, निाqश्चत तौर पर मैं खुश हूं और यह बड़ी राहत है। यह राहत की बात है कि हमारे पास डेथ (अंतिम) ओवरों के लिए गेंदबाज हैं। अब ९९ फीसदी मुझे पता होता है कि डेथ ओवरों में कौन गेंदबाजी करेगा। इससे काम आसान हो गया है। पूरा गेंदबाजी विभाग अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। मुझे बहुत अधिक दिमाग नहीं लगाना पड़ता है। विश्व कप २०११ में भारत के सफल अभियान के लिये तैयारियां अनुवूâल नहीं थी लेकिन अपेक्षाएं अब भी वैसी ही हैं। धोनी ने कहा, सच कहूं तो विश्व कप २०११ को याद करना मुाqश्कल है। जब अपेक्षाओं की बात आती है तो मुझे नहीं लगता कि ये २०११ की तुलना में कुछ कम हैं। यह याद करना मुाqश्कल है कि २०११ विश्व के लिये हमने वैâसी तैयारियां की थी। लेकिन अभी जहां तक तैयारियों का सवाल है तो हम बेहतरीन ाqस्थति में हैं।
उन्होंने कहा, हमने आस्ट्रेलिया में सीरीज जीती। श्रीलंका से द्विपक्षीय सीरीज जीती और फिर एशिया कप का खिताब जीता। हम सही ट्रैक पर आगे बढ़ रहे हैं। फिटनेस एक िंचता होगी क्योंकि फिटनेस के कारण आप अंतिम एकादश में से किसी एक को गंवा सकते हो। यदि कोई चोटिल नहीं होता तो हमें खुशी होगी।
मैच की परिाqस्थतियों के अनुसार बल्लेबाजी क्रम में बदलाव किये जाने के सवाल पर धोनी ने कहा कि वह फिनिशर की भूमिका जारी रखेंगे और कम गेंदों पर बड़े हिट लगाने की कोशिश करेंगे।
धोनी ने कहा, मुझे बल्लेबाजी करने में हमेशा आनंद आता है। बल्लेबाजी विभाग में उपर नीचे चलता रहता है। आपको जो मौका मिलता है उसका फायदा उठाना होता है। यह निर्भर करता है कि मौका कितना मिलता है।