अश्विन के जादू से भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दर्ज की सबसे बड़ी जीत


एंटीगा। ऑफ ाqस्पनर रविचंद्रन अश्विन की शानदार गेंदबाजी की सहायता से भारत ने मेजबान वेस्टइंडीज को पहले टेस्ट क्रिकेट मैच में चौथे दिन ही एक पारी और ९२ रन से हराकर अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की है। भारतीय पारी में शतक लगाने वाले अश्विन ने ८३ रन देकर सात विकेट लिये जिससे वेस्टइंडीज की टीम फालोआन करते हुए दूसरी पारी २३१ रन पर ही ढ़ेर हो गईr। भारत ने इस तरह चार मैचों में श्रृंखला में १-० से बढ़त हासिल कर ली है।
भारत की यह वेस्टइंडीज की धरती पर पारी के अंतर से पहली जीत है। इससे पहले भारत ने एशिया के बाहर पारी के अंतर से उसकी सबसे बड़ी जीत जिम्बाब्वे के खिलाफ २००५ में बुलावायो में दर्ज की थी। तब उसने पारी और ९० रन से टेस्ट मैच जीता था। भारत ने कप्तान विराट कोहली (२००) के रिकार्ड दोहरे शतक और अश्विन (११३) के शतक की बदौलत से अपनी पहली पारी में आठ विकेट पर ५६६ रन बनाये। इसके बाद वेस्टइंडीज की टीम को अपनी पहली पारी २४३ रन पर आउट करके उसे फालोआन खेलने विवश कर दिया।
वेस्टइंडीज की तरफ से दूसरी पारी में कार्लोस ब्रेथवेट (नाबाद ५१) और मर्लोन सैमुअल्स (५०) ने अर्धशतक लगाये पर वह अपनी टीम को बचा नहीं पाये। कार्लोस ब्रेथवेट और देवेंद्र बिशू (४५) ने नौंवें विकेट के लिये ९५ रन की साझेदारी कर अपनी टीम को कुछ हद तक शर्मनाक हार से बचाने के लिए जमकर संघर्ष किया। अश्विन ने बिशू को आउट करके यह साझेदारी तोड़ी और फिर इसी ओवर में शैनोन गैब्रियल को आउट करी भारत को जीत दिलायी।
भारत की वेस्टइंडीज के खिलाफ यह कुल १७वीं और उसकी जमीन पर छठी जीत है। अश्विन एक टेस्ट मैच में दो बार शतक और पांच या अधिक विकेट लेने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गये हैं। इससे पहले उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ ही मुंबई में २०११ में इसी प्रकार का प्रदर्शन किया था। तब उन्होंने १०३ रन बनाने के अलावा नौ विकेट भी लिये थे। भारत की तरफ से उनसे पहले वीनू मांकड़ और पाली उमरीगर ने एक एक बार यह उपलाqब्ध हासिल की थी। अश्विन ऐसे छठे क्रिकेटर हैं जिन्होंने दो या इससे अधिक बार ऐसा कारनामा किया है।