विश्वकप के बाद वनडे क्रिकेट को अलविदा कहेंगे मिस्बाह ! 


कराची । ऑलराउंडर शाहिद आ़फरीदी के बाद अब पाकिस्तान की क्रिकेट टीम के कप्तान मिस्बाह उल हक ने भी विश्व कप के बाद एकदिवसीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की है। पाक कप्तान ने कहा कि विश्व कप उनका अंतिम खिताबी मुकाबला होगा। खेल को अलविदा कहने का पैâसला उन्होंने काफी विचार के बाद किया है। मिस्बाह का वन-डे करियर २००२ में शुरू हुआ था। उन्होंने पाकिस्तान की ओर से अब तक १५३ एकदिवसीय मैचों में ४२.८३ की औसत से ४,६६९ रन बनाए हैं। विश्व कप में उनके सामने एकदिवसीय क्रिकेट में पांच हजार रन पूरे करने का भी अवसर होगा।
मिस्बाह को साल २०१० में पाकिस्तान का कप्तान बनाया गया। तब पाक क्रिकेट फििंक्सग के साये में डूबा हुआ था, पर मिस्बाह ने बड़ी जिम्मेदारी से पाकिस्तानी क्रिकेट की कमान को संभाले रखा। उन्होंने ७८ वन-डे मैचों में पाकिस्तान की कप्तानी की। इन मैचों में ५० फीसदी से ज्यादा मैचों में उन्होंने पाकिस्तान को जीत दिलाई है। मिस्बाह की कप्तानी में पाक ने ४१ वन-डे मैच जीते और ३४ मैचों में टीम को हार का सामना करना पड़ा है।
इस दौरान मिस्बाह ने ३९ टी-२० मैच खेले और उसमें ७८८ रन बनाए। मिस्बाह ने अब तक ५३ टेस्ट मैच खेले हैं। ५३ टेस्ट मैचों में मिस्बाह ने ३७३६ रन बनाए हैं। इसमें ३३ टेस्ट मैचों में उन्होंने पाकिस्तान की कप्तानी भी की है।
अबूधाबी में नवंबर, २०१४ में न्यू़जीलैंड के ़िखला़फ मिली जीत मिस्बाह उल हक की कप्तानी में १५वीं टेस्ट जीत थी। इस जीत के साथ उन्होंने कप्तान के तौर पर जावेद मियांदाद और इमरान ़खान को भी पीछे छोड़ दिया। ४० साल के मिस्बाह पाक के सबसे कामयाब टेस्ट कप्तान भी हैं।