कोहली रोकगें कंगारूओं का ‘विराट’ विजयी रथ 


० भारत-ऑस्टे्र्रलिया के बीच पांचवा टेस्ट
सिडनी । टीम इंडिया अपने नए कप्तान विराट कोहली के नेतृत्व में सिडनी क्रिकेट मैदान पर ६ जनवरी को हार की हैट्रिक से बचना चाहेगी। इस मैदान पर भारत २००८ और २०१२ में अपने पिछले दो मुकाबले गंवा चुका है। भारत और आस्ट्रेलिया की टीमें एक बार फिर यहां आमने-सामने नजर आएगी। यह दोनों टीमें के बीच ११वां मुकाबला होगा। इनमें से पांच में आस्ट्रेलिया को जीत मिली है जबकि एक में भारत जीता है। चार मुकाबले बराबरी पर रहे।
० सिडनी में हार चुका है भारत
मेजबान टीम ने २०१२ में भारत को इस मैदान पर एक पारी और ६८ रनों हराया था। यह वही मैच था, जिसमें माइकल क्लार्वâ ने ३२९ रनों की शानदार पारी खेली थी। उससे पहले २ जनवरी २००८ में आस्ट्रेलिया ने भारत पर १२२ रनों से जीत हासिल की थी। पहली पारी में सचिन तेंदुलकर (१५४) और वीवीएस लक्ष्मण (१०९) की शानदार पारियों की मदद से ५३२ रन बनाने के बाद भी भारतीय टीम हार गई थी। भारतीय टीम ३३३ रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए २१० रनों पर सिमट गई थी। सिडनी में आज की भारतीय टीम के ४ खिलाड़ी ही खेले हैं। कप्तान कोहली, इशांत शर्मा, उमेश यादव और रविचंद्रन अश्विन २०१२ में इस मैदान पर हुए टेस्ट में टीम का हिस्सा थे। २००८ में सिर्पâ इशांत ही टीम का हिस्सा थे। इसी मैदान पर भारत ने एकमात्र जीत १९७८ में दर्ज की थी। प्रसन्ना, बेदी और चंद्रशेखर की ाqस्पन तिकड़ी ने आस्ट्रेलिया को एक पारी और दो रनों से हार पर मजबूर किया था। उसके बाद से भारतीय टीम इस मैदान पर जीत का स्वाद नहीं चख सकी है। यह मैदान भारतीय बल्लेबाजों को खूब रास आता है। यहां भारतीय बल्लेबाजों के नाम साझेदारियों के दो रिकार्ड दर्ज हैं। भारतीय बल्लेबाजों ने यहां दूसरे और चौथे विकेट की साझेदारी का रिकार्ड बनाया है। दूसरे विकेट के लिए १९८६ में सुनील गावस्कर और मोिंहदर अमरनाथ ने २२४ रन जोड़े थे। इसके अलावा सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण ने २००४ में चौथे विकेट के लिए ३५३ रन जोड़े थे। ऑस्ट्रेलिया के डब्ल्यू ब्रैडश्ले और सी. हिल के नाम भी इस विकेट के लिए २२४ रनों का रिकार्ड है। गावस्कर (१७२) और अमरनाथ (१३८) ने जनवरी १९८६ में १९१ रनों के कुल योग पर के. श्रीकांत (११६) का विकेट गिरने के बाद भारतीय स्कोर को ४१५ रनों तक पहुंचाया था। भारत ने उस मैच में चार विकेट पर ६०० (घोषित) रन बनाए थे। इसके बाद शिवलाल यादव (९९-५) और रवि शास्त्री (१०१-४) की मदद से भारत ने आस्ट्रेलिया की पहली पारी ३९६ रनों पर समेट दी थी। आस्ट्रेलिया को फॉलोऑन खेलना पड़ा था। वह मैच बराबरी पर छूटा था। इसके बाद दो जनवरी २००४ को शुरू हुए चौथे टेस्ट में सचिन (२४१) और लक्ष्मण (१७८) ने १९४ रनों पर तीन विकेट गिरने के बाद भारतीय पारी को ५४७ रनों तक पहुंचाया था। सचिन ने इस मैच में अपना सर्वोच्च टेस्ट स्कोर खड़ा किया था। भारत ने सात विकेट पर ७०५ रन बनाकर पारी घोषित कर दी थी। इस मैदान पर सचिन ने ५ मैचों की ९ पारियों में ४ बार नाबाद रहते हुए १५७.०० के औसत से ७८५ रन बनाए हैं। सचिन के नाम तीन शतक और दो अर्धशतक हैं। वह इस मैदान पर भारत के झंडाबरदार हैं। लक्ष्मण ने भी इस मैदान पर तीन शतक लगाए।
संदीप/ईएमएस/०२/जनवरी/२०१४/