जब डायल-100 वाहन पर लगाई तेंदुए ने छलांग


प्रतिकात्मक तस्वीर। (PC : Wikipedia)

वाहन पर सवार पुलिसकर्मियों की हलक में आई जान

भोपाल (ईएमएस)। पहाडी क्षेत्र में गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों के ‘डायल-100’ वाहन पर एक तेंदुए ने छलांग लगा दी। अचानक हुए वाकये से वाहन में सवार पुलिसकर्मियों की जान हलक में आ गई। कल शाम 7 बजे यह घटना जबलपुर की गन कैरिज फैक्ट्री (जीसीएफ) क्षेत्र पाटबाबा की पहाड़ी के आसपास घटित हुई। चालक ने तेजी से ब्रेक लगाकर गाड़ी को रोका और तेंदुआ गाडी से उछलकर सड़क के किनारे झाड़ियों में चला गया। जीसीएफ में गश्त करते पुलिसकर्मियों ने इस घटना की तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों और वन विभाग कंट्रोलरूम को खबर दी। पाटबाबा मंदिर के पास न्यू कॉलोनी में हिंसक वन्यप्राणी के होने की खबर पाकर वन अमला मौके पर गया, लेकिन करीब एक घंटे गश्त करके भी उसे खोज पाने में नाकाम रहा। वनकर्मी बताते हैं कि जीसीएफ पाटबाबा, डुमना, गधेरी और रामपुर ठाकुरताल की पहाड़ी पर अलग-अलग तेंदुओं का डेरा है। यह हिंसक वन्यप्राणी नागरिकों या क्षेत्र में गश्त करते गार्ड, पुलिसकर्मियों के लिए दिखाई भी दे रहे हैं।

इन वन्यप्राणियों ने अब तक किसी व्यक्ति पर हमला करके घायल नहीं किया है, इसलिए इन्हें वहां से हटाया नहीं जा रहा है। डुमना नेचर रिजर्व पार्क में तेंदुआ की आवाजाही लगातार होने की खबर मिल रहीं हैं। ईडीके, ट्रिपल आईटी डीएम, गधेरी, डुमना में यह वन्यप्राणी बार-बार दिखाई दे रहा है।

नागरिक बताते हैं कि डुमना पार्क और इस क्षेत्र में भोजन की तलाश में तेंदुआ का आना-जाना होता है।रामपुर क्षेत्र की ठाकुरताल की पहाड़ी में तेंदुआ का 4-5 माह से बसेरा है। इसको नयागांव सोसायटी, बरगी हिल्स आदि क्षेत्र में आते-जाते नागरिक कई बार देख चुके हैं। वन विभाग यह वन्यप्राणी पिंजरे में कैद करने का प्रयास लगातार कर रहा है, लेकिन पहाड़ी व रिहायशी इलाके में 5 पिंजरे रखकर भी नाकाम है।

इस बारे में जबलपुर डीएफओ रविन्द्रमणि त्रिपाठी का कहना है कि वन्यप्राणी तेंदुआ बेहद चालाक, सतर्क और फुर्तीला होता है, जिसे खुले जंगल में जाल डालकर या पिंजरा रखकर पकड़ लेना आसान नहीं है। शहर के आसपास तेंदुआ हैं। हिंसक वन्यप्राणी ने अब तक किसी व्यक्ति पर हमला नहीं किया, जो अच्छा संकेत है।