पश्चिम बंगाल विस्फोट: पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया


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कोलकाता। पश्चिम बंगाल के दमदम इलाके में मंगलवार को हुए विस्फोट के मामले में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। बैरकपुर के पुलिस आयुक्त राजेश कुमार सिंह ने आईएएनएस को बताया, “दमदम विस्फोट मामले में हमने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या, षड्यंत्र और शस्त्र अधिनियम के विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अब तक किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया है या हिरासत में नहीं लिया गया है।”

उन्होंने कहा, “हम सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं और पड़ोस के लोगों से बात कर रहे हैं।”

अधिकारी ने कहा कि घटनास्थल से बरामद बम और स्पिलंटर के अवशेषों को यह जानने के लिए फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है कि उसमें किस तरह के विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ था।

उत्तर 24 परगना जिले के दमदम के नागरबाजार इलाके में मंगलवार को एक बहुमंजिला इमारत के सामने यह विस्फोट हुआ था। इससे एक आठ साल के लड़के की मौत हो गई। आसपास की दुकानों को नुकसान पहुंचा, घरों की खिड़कियों के शीशे टूट गए।

बाद में पुलिस ने खुलासा किया कि विस्फोट में कम तीव्रता वाले सॉकेट बम का इस्तेमाल किया गया था।

विस्फोट में घायल हुए बच्चे बिभाष घोष की राज्य सरकार द्वारा संचालित एक अस्पताल में मौत हो गई, जबकि उसकी मां सहित घायल नौ लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं।

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बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विस्फोट के लिए एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए हैं।

जहां तृणमूल ने दावा किया है कि भाजपा-आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने दक्षिण दमदम नगरपालिका के अध्यक्ष पंचू रॉय की हत्या करने के मकसद से विस्फोट किया है। वहीं, भाजपा ने इसे क्षेत्र में सत्ताधारी पार्टी की आंतरिक समस्याओं का नतीजा बताया है।

तृणमूल कांग्रेस नेता ने कहा वे थे निशाने पर…

तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेता और दक्षिण दमदम नगरनिगम के चेयरमैन पंछु गोपाल राय ने कहा कि धमाका उन्हें निशाना बनाने की कोशिश थी। राय धमाके वाली जगह के पास एक चाय स्टॉल पर प्राय: अपने पार्टी नेताओं के साथ बातचीत के लिए आते रहते हैं।

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि उन्होंने मुझे निशाना बनाने की कोशिश की। आज दो अक्टूबर को महात्मा गांधी का जन्मदिन है। हम सभी जानते हैं कि गांधीजी की हत्या में कौन सा समूह शामिल था। अगर वही समूह इस विस्फोट में शामिल है, तो मुझे कोई हैरानी नहीं होगी।”

खाद्य मंत्री और तृणमूल नेता ज्योतिप्रिय मलिक ने भी घटना को ‘रॉय को जान से मारने की साजिश’ करार दिया और भाजपा पर इसका आरोप लगाया। मलिक ने कहा, “मैंने अपने पूरे जीवन में दमदम में ऐसी घटना नहीं देखी। रॉय यहां सुबह स्थानीय लोगों से बात करने आया करते हैं। सैकड़ों की संख्या में युवा पार्टी कार्यकर्ता भी क्षेत्र में जमा हो गए। यह भाजपा द्वारा उन्हें मारने का प्रयास था। वे लोग योजनाबद्ध तरीके से राज्य में अशांति फैलाने और हमारे पार्टी कार्यकर्ताओं को मारने की कोशिश कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “मैं सभी कौंसिलरों से अपनी सुरक्षा का प्रबंध करने का आग्रह करता हूं। भाजपा उन्हें दिनदहाड़े मारने की कोशिश कर रही है। मैं अवाक हूं। कैसे एक राजनीतिक पार्टी, जोकि केंद्र में सत्ता में है, वह ऐसी चीजें कर सकती है? वे इसे हर जगह कर रहे हैं। अब हमारे लड़के राजनीतिक रूप से उन्हें माकूल जवाब देंगे।”

भाजपा ने आरोपों से इंकार किया

प्रदेश भाजपा ने हालांकि आरोपों से इनकार किया है और कहा कि यह तृणमूल पार्टी की आदत हो गई है कि राज्य में घटित किसी भी घटना का आरोप हमपर लगाए।

राज्य भाजपा प्रमुख दिलीप घोष ने कहा, “यह तृणमूल नेताओं की आदत है कि भाजपा को हरजगह घसीटा जाए। लेकिन सच्चाई यह है कि बंगाल में होने वाले सभी बम विस्फोट तृणमूल कांग्रेस के पार्टी कार्यालयों के पास होते हैं। चाहे वह खागरागढ़ विस्फोट हो या बर्धमान के गुस्करा विस्फोट। बांकुर में तो पार्टी कार्यालय के अंदर कई धमाके हुए थे।”

-आईएएनएस