हिंदी भाषी राज्य में हिंदी में फेल हुए 10 लाख छात्र


उत्‍तर प्रदेश माध्‍यमिक शिक्षा परिषद (यूपीएमएसपी) ने 27 अप्रैल को 10वीं और 12वीं बोर्ड के नतीजे घोषित किए थे।
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10वीं और 12वीं में 20 प्रतिशत छात्र हिंदी में फेल हुए

लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश माध्‍यमिक शिक्षा परिषद (यूपीएमएसपी) ने 27 अप्रैल को 10वीं और 12वीं बोर्ड के नतीजे घोषित किए थे। 10वीं में जहां 80 फीसदी छात्रों को सफलता मिली। वहीं 12वीं में कुल 70.06 छात्र ही पास हो सके हैं लेकिन रिजल्ट जारी होने के कुछ दिन बाद अब एक और चौंकाने वाली बात सामने आ रही है कि हिंदी भाषी राज्य यूपी में ही लाखों छात्र हिंदी में ही फेल हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक 10वीं और 12वीं में करीब 20 प्रतिशत छात्र हिंदी की परीक्षा में फेल हुए हैं। 10वीं में साढ़े पांच लाख से ज्यादा छात्र हिंदी में फेल हुए हैं तो वहीं 12वीं में करीब दो लाख छात्र फेल हुए हैं। इसके अलावा 12वीं में दो लाख से ज्यादा छात्र जनरल हिंदी में फेल हुए हैं। इस हिसाब से हिंदी में फेल होने वाले कुल छात्रों की संख्या करीब 10 लाख है।

ऐसा नहीं है कि छात्रों की हालत सिर्फ हिंदी में ही खराब है। मैथ्स में भी उनकी मेहनत कम ही रंग लाती नजर आई है। यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की मैथ्स की परीक्षा में सात लाख से ज्यादा छात्र फेल हुए हैं। हालांकि जो छात्र कुछ विषयों में असफल रहे हैं, वह कम्पार्टमेंट परीक्षा के लिए फॉर्म भर सकते हैं। कम्पार्टमेंट फॉर्म कब मिलेंगे इसकी तारीख घोषित नहीं हुई है पर परीक्षा के नतीजे आने के एक महीने बाद बोर्ड इसकी तारीख घोषित करता है। हर साल कंपार्टमेंट परीक्षा का फॉर्म जुलाई या अगस्‍त में भरा जाता है।

– ईएमएस