कांग्रेस में गांधी सरनेम महात्मा गांधी से नहीं बल्कि फिरोज गांधी से लिया: उमा भारती


मध्यप्रदेश के सागर जिले का है जहां बीजेपी की वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने बेतुका बयान दिया है।

सागर । जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव 2019 के चरण आगे बढ़ रहे हैं। लोकसभा चुनाव के प्रचार में जुटे नेताओं की जुबान से लगातार विवादित बोल निकलते जा रहे हैं। ताजा मामला मप्र के सागर जिले का है जहां बीजेपी की वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने बेतुका बयान दिया है। भारती सागर से बीजेपी प्रत्याशी राजबहादुर सिंह के लिए वोट मांगने के दौरान उमा भारती ने कहा कि कांग्रेस में गांधी सरनेम महात्मा गांधी से नहीं बल्कि फिरोज गांधी से आया है।

उमा ने कहा, कांग्रेस में गांधी सरनेम महात्मा गांधी से नहीं बल्कि फिरोज गांधी से लिया है, फिरोज के पंडित नेहरू के साथ अच्छे रिश्ते नहीं थे। इन्हें इस सरनेम का इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं है। लेकिन उन्होंने सोचा कि गांधी सरनेम लगाने से उन्हें सम्मान मिलेगा। इसकारण उन्होंने इस अपने नाम के आगे लगाया है। लेकिन सच्चाई ये है कि वास्तव में पीएम मोदी ही इकलौते इंसान है जो सही मायने में महात्मा गांधी के पदचिन्हों पर चलते हैं। भोपाल लोकसभा सीट से बीजेपी की उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर उस वक्त बेहद भावुक हो गयीं जब वह यहां केन्द्रीय उमा भारती के निवास पर उनसे मिलने गयी थीं। दो भगवाधारी साध्वियों के इस भावुक मिलन को वहां मौजूद कई लोगों ने देखा।

मा भारती ने साध्वी प्रज्ञा को काफी देर तक गले लगाकर रखा और उनके गाल और सिर का चुंबन ले कर उनकी हौसला अफजाई की। इसके बाद उमा भारती ने प्रज्ञा को हलवा भी खिलाया। इस मौके पर उमा भारती ने मीडिया से कहा, जिस दिन दीदी मां (प्रज्ञा) की उम्मीदवारी की घोषणा हुई उसी दिन यह तय हो गया कि भोपाल में बीजेपी प्रचंड मतों से चुनाव जीत रही है। पार्टी जैसा कहेगी वैसा करुंगी। बीजेपी ने भोपाल लोकसभा सीट से साध्वी प्रज्ञा भारती को कांग्रेस के उम्मीदवार दिग्वियज सिंह के सामने अपने प्रत्याशी के तौर पर चुनावी मैदान में उतारा है। भोपाल बीजेपी का गढ़ रहा है और यहां तीन दशक से बीजेपी का लगातार कब्जा है। इस दफा कांग्रेस ने बीजेपी को चुनौती देने के लिए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह को चुनावी रण में खड़ा किया है।

– ईएमएस