कोरोना सच्चाई :10% संक्रमित ही होते हैं गंभीर बीमार


प्रतिकात्मक तस्वीर। (PC : beteches.com)

नई दिल्ली (ईएमएस)। कोरोना पीड़ित सिर्फ 6 से 10 फीसदी मरीज ही गंभीर रूप से बीमार होते हैं। लगभग तीन चौथाई मरीज उपचार के बाद पूरी तरह स्वस्थ हो जाते हैं, जबकि कुछ फीसदी लोगों को ही स्वस्थ होने में समय लगता है। एम्स के पल्मनरी मेडिसन विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर करन मदान का यह कहना है।

डॉक्टर करन के मुताबिक फिलहाल यह देखा गया है कि कोरोना वायरस प्रभावित लोगों में सिर्फ तीन फीसदी मृत्यु दर है। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा भी संभव है कि कुछ लोगों को कोरोना वायरस का संक्रमण हुआ हो और वे अस्पताल जाए बिना ही ठीक हो गए हों। हालांकि संक्रमण की आशंका होने पर मास्क लगाकर अस्पताल जरूर जाएं ताकि और लोगों में यह वायरस न फैल सके। डॉक्टर करन मदान के मुताबिक यह वायरस झींकने और खांसने से निकलने वाली बूंदों के जरिए फैल सकता है। संक्रमित व्यक्ति के छूने से भी फैलने का खतरा है। ऐसे में कोई भी मास्क इस बीमारी से बचाव में कारगर है।