ममता ने नहीं दी अब अमित शाह की रैली को अनुमति


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छह चरणों के मतदान पूर्ण होने के बाद भी पश्चिम बंगाल की राजनीतिक गर्मी का पारा नीचे नहीं आया। तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं के बीच शाब्दीक टकराव के बाद एक बार फिर, ममता बनर्जी सरकार ने हेलीकाप्टर लैंडिंग और रैली की अनुमति नहीं दी है। ताजा मामला जादवपुर का है, जहां भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की रैली के लिए अनुमति नहीं दी गई। ऐसा कहा जाता है कि उनके हेलीकॉप्टर को भी लैंडिंग की अनुमति नहीं मिली।

पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण में 9 निर्वाचन क्षेत्रों में 19 मई को मतदान होगा, जिसके लिए अमित शाह के सोमवार को तीन रैली कार्यक्रम हैं। इनमें से एक रैली दक्षिण 24 परगना जिले के जादवपुर में दोपहर 12.30 बजे निर्धारित की गई थी। लेकिन रैली से कुछ देर पहले अनुमति रद्द कर दी गई। इसके अलावा, अमित शाह के हेलीकॉप्टर को उतरने की अनुमति भी नहीं दी गई।

चुनावों में तृणमूल कांग्रेस पर गुंडागर्दी करने के आरोपों के बाद, भाजपा ने अब चुनाव आयोग से इस बारे में शिकायत की है। बताते चलें कि हाल ही में पी.एम. नरेंद्र मोदी और अमित शाह के हमलों का जवाब देते हुए, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, “मैं एक इंच-इंच का बदला लूंगी, आपने मुझे और बंगाल को बदनाम किया है।”

हालाँकि, दोनों दलों के नेताओं का यह शाब्दिक युद्ध पुराना है। दोनों दलों में पहले चरण के मतदान से पहले से ही तनाव देखा जा रहा है। अमित शाह से पहले भी यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हेलीकॉप्टर को उतरने की अनुमति नहीं थी। वहीं, हर चरण में मतदान की हिंसक घटनाओं के बाद, भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर उंगली उठाई है।