रावण दहन स्थल के पास से रायपुर में भी गुजरी थी ट्रेन, लेकिन प्रशासन की सतर्कता से नहीं हुआ हादसा


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रेलवे ट्रैक पर थे हजारों लोग, ले‎किन ‎रेलवे अधिकारियों ने पहले ही कर ली थी प्लानिंग

नई दिल्ली (ईएमएस)। पंजाब के अमृतसर में रावण दहन के समय हुए ट्रेन हादसा ‎दिल दहलाने वाला है। चंद सेकेंड में 100 किलोमीटर प्रति ‎किमी रफ्तार से दौड़ रही ट्रेन ने बड़ी संख्या में लोगों को रौंद दिया। इस हादसे में रेलवे और स्थानीय प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से बच रहा है और कहा जा रहा है कि बिना इजाजत के इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया, लेकिन ऐसा ही एक वाकया छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सामने आया। हालांकि गनीमत रही कि वहां किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

पूरे देशभर में शुक्रवार शाम रावण दहन कार्यक्रम आयोजित हुए। रायपुर की डब्जल्यूआरएस कॉलोनी में भी रावण दहन का आयोजन किया गया था, जिस वक्त रावण का पुतला जल रहा था, उसी वक्त वहां रेलवे ट्रैक पर हजारों की भीड़ मौजूद थी। अमृतसर की तरह ही यहां भी पुतला दहन के दौरान ही ट्रेन आ गई।

अमृतसर और रायपुर में सबसे बड़ा फर्क सुरक्षा व्यवस्था का था। अमृतसर में जहां कार्यक्रम के स्थल पर कोई सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था, वहां रायपुर में पर्याप्त संख्या में सुरक्षा के इंतजाम थे। यहां रावण दहन शाम करीब 6.40 मिनट पर हुआ। जबकि इससे दो घंटे पहले ही रेलवे और जीआरपी के कार्यक्रम स्थल के पास पहुंच गए थे। ट्रैक पर लंबी दूरी तक जवान खड़े थे। रेलवे क्रॉसिंग को बंद कर दिया गया था। इतना ही नहीं ट्रेन को करीब एक किलोमीटर पहले से ही धीमा करने के आदेश थे। यानी जिस डब्ल्यूआरएस कॉलोनी में रावण दहन का आयोजन किया गया, उससे पहले ही ट्रेन हल्की स्पीड में चलना शुरू हो गई थी और ट्रेन के साथ-साथ ही जवान भी आगे बढ़ रहे थे। यही वजह रही रायपुर में दशहरा के मौके पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान रेल ट्रैक पर भीड़ होने के बावजूद भी सुकशल आयोजन को संपन्न कराया गया और ट्रेन भी वहीं से निकाली गई। लेकिन इसके पीछे प्रशासन की मुस्तैदी रही जबकि अमृतसर में तो वहां न रेलवे की तरफ से कोई चुस्ती दिखाई गई और न ही स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा का कोई इंतजाम किया।