मां और आंटी को बचाने 11 साल के बच्चे ने नदी में तीन बार लगाई छलांग


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20 मिनट में दोनों को बचा लिया

गोलपारा । 11 साल के कमल किशोर दास ने अपनी मां और आंटी को बचाने के लिए ब्रह्मपुत्र नदी में तीन बार छलांग लगाई और 20 मिनट में दोनों को बचा लिया। हालांकि उसे इस बात का दुख है कि वह एक महिला और उसके बच्चे को सुरक्षित बाहर लाने के बाद भी नहीं बचा पाया।

गौरतलब है ‎कि हाल ही में असम के उत्तरी गुवाहाटी में एक नाव नदी में डूब गई थी। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि हादसे के समय नाव में 40 लोग सवार थे।

कमल ने बताया ‎कि जैसे ही मैंने अपनी मां और आंटी को पानी से बाहर निकाला तो देखा कि बुर्के में एक महिला और उसकी बांहों में एक बच्चा बाहर आने के लिए संघर्ष कर रहे थे। मैं दोबारा पानी में कूद गया और दोनों को बांध के पिलर की कंक्रीट स्लैब तक लेकर आया। दुर्भाग्यवश, महिला के हाथ से उसका बच्चा फिसल गया और वह तेजी से नदी की धारा के साथ बह गया। इसके बाद महिला ने बच्चे को बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी और जब तक मैं फिर से कूदता वह पानी के तेज बहाव के साथ बह गई।

उत्तरी गुवाहाटी के सेंट एंटनी स्कूल में पांचवी में पढ़ने वाला कमल अपनी दादी को उनके घर छोड़कर मां और आंटी के साथ घर लौट रहा था तभी जिस नाव में वे लोग सवार थे वह एक खंभे से टकराने के बाद ब्रह्मपुत्र नदी में डूबने लगी। कमल ने बताया ‎कि जैसे ही नाव बांध की दीवार के खंभे से टकराई और डूबने लगी मेरी मां ने मुझसे कहा कि जूते निकालकर तैरो और किनारे की ओर जाओ। मैंने ऐसा ही किया और किनारे पर पहुंच गया। फिर मैंने पाया कि मेरी मां और आंटी मेरे साथ नहीं है। मैंने नदी में छलांग लगाई और तैरकर वहां गया जहां हादसा हुआ था। मैंने अपनी मां को देखा। मैंने उनके बालों को पकड़ा और फिर उनका हाथ पकड़कर खींचते हुए सुरक्षित बाहर लाया। कमल और उनकी मां के साथ कई दूसरे लोगों ने भी बांध के पिलर के पास पहुंचकर अपनी जान बचाई। कमल ने बताया ‎कि तभी अचानक मैंने एक महिला को देखा जो मेरी आंटी की तरह लग रही थी और वह भी तैरकर बाहर आने के लिए संघर्ष कर रही थी। मैंने दोबारा छलांग लगाई और उन्हें पिलर तक खींच कर लाया।