..ताकि पाटीदार समाज को मिल सकें बहुएं


पटेल समाज में लड़के लड़कियों के विवाह समाधान खोजने के लिए कई राज्यों के पटेल, पाटीदार, कुर्मी एक होने की पहल कर रहे हैं।
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अहमदाबाद। पटेल समाज में बिगड़े लिंग-अनुपात की वजह से लड़के लड़कियों के विवाह में परेशानियों का समाधान खोजने के लिए कई राज्यों के पटेल, पाटीदार, कुर्मी एक होने की पहल कर रहे हैं। दरअसल, पाटीदार समाज अपने गुजरात के पाटीदार आंदोलनकर्ता महाराष्ट्र में मराठाओं का सहारा लेकर ओबीसी कोटा हासिल करने की कोशिश में है। इसके लिए वे मैरिज कोटा जीतने के लिए पूरे भारत में अपने तार फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। यहां तक कि गुजरात प्रदेश कुर्मी क्षत्रीय महासभा छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और ओडिशा के कुर्मी समाज के परिवारों से संबंध बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि पाटीदार समाज को बहुएं मिल सकें।

गुजरात के बापूनगर में 4 से 7 जनवरी के बीच गुजरात के पटेल परिवारों के 5000 लड़कों और बाकी तीनों राज्यों की 200 लड़कियों को लेकर सामूहिक विवाह कराया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि चारों राज्यों के बीच यह आयोजन पटेल समाज में बिगड़े लिंग-अनुपात की वजह से कराना पड़ा है। एक सर्वे में पता चला है कि पाटीदारों में 1000 लड़कों पर 700 लड़कियां हैं। कार्यक्रम के आयोजकों ने विवाह की योग्यता के लिए लड़कों की उम्र 25 से 27 साल, आय 20000 रुपये से ज्यादा और अहमदाबाद में खुद के घर की शर्त रखी है। साथ ही लड़के में कोई ऐब भी नहीं होना चाहिए, कोई बड़ा इस बात की जिम्मेदारी लेगा। कुर्मी महासभा की छत्तीसगढ़ इकाई का कहना है कि वहां बेटियों की शादी करना बेहद खर्चीला होता है जबकि गुजरात में दहेज और बुरी आदतें, दोनों कम होते हैं।

– ईएमएस