तेलंगाना : ‘इज्जत’ के नाम पर मारे गए दलित का अंतिम संस्कार


हैदराबाद। तेलंगाना के मिरयालगुडा शहर में शुक्रवार को धारदार हथियार से काट दिए गए दलित युवक का रविवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस ने इसे ‘ऑनर किलिंग’ का मामला बताया है।

प्रणय कुमार नाम के इस युवक के अंतिम संस्कार में दलित संगठनों के सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। प्रणय के दूसरी जाति के ससुर पर उसकी वहशियाना तरीके से हत्या कराने का आरोप लगा है।

प्रणय की पत्नी अमरुता वार्षिणी, उसके माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्य अंतिम संस्कार के समय मौजूद थे। नालगोंडा जिले के मिरियालगुडा में चर्च में विशेष प्रार्थना हुई।

प्रणय के भाई के यूक्रेन से आने के बाद शवयात्रा निकाली गई।

प्रणय अपनी गर्भवती पत्नी की अस्पताल में जांच कराने के बाद लौट रहा था जब एक भाड़े के हत्यारे ने उसे काट डाला।

माता-पिता के कड़े विरोध के बावजूद अमरुता ने छह महीने पूर्व प्रणय से प्रेम विवाह किया था।

हत्या से लोगों में गुस्से की लहर दौड़ गई। शनिवार को दलित संगठनों ने शहर को बंद करवाया।

तेलंगाना के आईटी मंत्री के.टी. रामाराव ने रविवार को प्रणय की हत्या की निंदा की। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि एक स्तब्ध करने वाला झटका लगा है। देख कर क्षोभ होता है कि जातिवाद कितना गहरे हमारे समाज में धंसा हुआ है। उन्होंने कहा कि दोषी बख्शे नहीं जाएंगे।

पुलिस ने अमरुता के पिता मारुति राव, उसके भाई श्रवण कुमार और तीन अन्य को गिरफ्तार किया है। हत्या करने वाले की तलाश की जा रही है।

आरोप है कि मारुति राव ने भाड़े के हत्यारे को हत्या के लिए दस लाख रुपये दिए। कहा जा रहा है कि उसने पुलिस से कहा है कि उसके लिए उसकी बेटी से कीमती उसकी ‘इज्जत’ है।

अमरुता ने अपने पिता को शैतान बताया और कहा कि वह कभी लौट कर उसके पास नहीं जाएगी और प्रणय के माता-पिता के साथ रहेगी।

-आईएएनएस