तेलंगाना विधानसभा भंग होते ही कांग्रेस पर बरसे चंद्रशेखर राव, राहुल को बताया ‘मसखरा’!


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हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने कई दिनों से विधानसभा भंग करने की बात को सच साबित करते हुए गुरुवार को विधानसभा भंग करने की सिफारिश कर दी। राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन ने मुख्यमंत्री की सिफारिश को स्वीकार करते हुए विधानसभा भंग कर दी। नई सरकार के गठन तक राव कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करते रहेंगे। इसके साथ ही राज्य में समय पूर्व चुनाव कराने का रास्ता साफ हो गया।

विधानसभा भंग करते ही चंद्रशेखर राव ने सबसे पहला निशाना राज्य की प्रमुख विरोध पार्टी कांग्रेस पर साधा। राव ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को देश का सबसे बड़ा मसखरा बताया। विधानसभा भंग करने के बाद केसीआर ने कहा, पूरे देश ने देखा कि किस तरह राहुल गांधी ने संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गले लगाया और फिर आंख मारी।

राहुल पर कसा तंज, कहा वे तेलंगाना जितना आयेंगे, हमारी जीत पक्की होगी

जब केसीआर से पूछा गया कि राहुल गांधी तेलंगाना में उन्हें कितनी टक्कर दे सकते ,तो वह बोले ये हमारे लिए और अच्छा होगा, वह जितना यहां आएंगे, हमारी जीत उतनी ही पक्की होगी। उन्होंने कहा, राहुल गांधी दिल्ली सल्तनत को तेलंगाना में भी लागू करना चाहते थे। इसलिए हमने अपने लोगों से अपील करते हैं कि हमें दिल्ली सल्तनत और कांग्रेस का मजदूर नहीं बनना था। तेलंगाना का निर्णय तेलंगाना में ही होना चाहिए।

तेलंगाना में कांग्रेस-टीडीपी गठबंधन की संभावना

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, तेलंगाना में कांग्रेस और टीडीपी के बीच गठबंधन हो सकता है। जो केसीआर की पार्टी टीआरएस को चुनौती देगा। टीआरएस और भाजपा के बीच गठबंधन की खबरों को भी के चंद्रशेखर राव ने नकारते हुए कहा, हम 100 फीसदी सेक्युलर पार्टी हैं, इस कारण हम उनके साथ गठबंधन कैसे कर सकते हैं। हालांकि 2009 के लोकसभा चुनाव में केसीआर की पार्टी एनडीए का हिस्सा रह चुकी है। उस समय चुनाव से पहले एनडीए की बड़ी रैली में उन्होंने शिरकत की थी। केसीआर ने कहा, हम तेलंगाना में अकेले चुनाव लड़ने वाले है। ओवैसी की पार्टी के साथ गठबंधन पर केसीआर ने उन्हें अपना अच्छा मित्र बताया।