बाड़मेर में मतदाता जागरूकता के लिए सांप-सीढ़ी खेल का सहारा


सांप-सीढ़ी के इस खेल के जरिए सहजता और रोचकता के साथ मतदान जागरूकता का संदेश दिया जा रहा है।

बाड़मेर । राजस्थान में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया के प्रति जागरूक बनाने के लिए स्थानीय प्रशासन ने एक अनूठा तरीका अपनाया है। इसके लिए प्रशासन ने बच्चों के लोकप्रिय खेल सांप-सीढ़ी की मदद ली है। जिला निर्वाचन अधिकारी शिव प्रसाद मदन नकाते ने बताया कि सांप-सीढ़ी के इस खेल के जरिए सहजता और रोचकता के साथ मतदान जागरूकता का संदेश दिया जा रहा है। इसके तहत जिले में कई जगह जमीन पर सांप-सीढ़ी के खेल के जरिए युवाओं में मतदान के प्रति जागरूकता फैलाई जा रही है। इस पहल का उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनाव में मतदाताओं की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करना है। राज्य की 200 सीटों के लिए सात दिसंबर को मतदान होगा।

इसके बारे में बताते हुए नकाते ने बताया कि इस अनूठे प्रयोग में सांप-सीढ़ी खेल के नियमों का यथावत रखा गया, लेकिन सांप के काटने और सीढ़ी मिलने वाले स्थानों पर मतदान जागरूकता से जुड़े संदेश डालकर इस रोचक बनाया गया है। उन्होंने बताया कि मतदान नियमों की अनदेखी पर सांप काटेगा। सांप काटने का मतलब मतदाता ने मतदाता सूची के प्रति लापरवाही बरती है या वह मतदान के प्रति उदासीन रहा है। इसी तरह लालच में मतदान, भेदभावपूर्ण मतदान, दबाव में मतदान, भ्रामक प्रचार और अफवाह फैलाने पर भी सांप काटेगा। वहीं, स्वीप सांप-सीढ़ी में सीढ़ी मिलने का मतलब होगा कि मतदाता ने जागरूक रहकर मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाया है।

खिलाड़ी को मतदान के दिन अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करना, सही उम्मीदवार को मतदान, बुजुर्ग-दिव्यांग मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करना और सहयोग करना, मतदान में गड़बड़ी की आशंका पर नियंत्रण कक्ष, सी-विजिल एप पर सूचना देने पर सीढ़ियां चढ़ने का मौका मिलेगा।

जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, बाड़मेर में मतदाता जागरूकता को समर्पित इस खेल को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में शामिल करने की कोशिश की जाएगी। प्रशासन की ओर से जमीन पर 1600 वर्ग फीट की सांप-सीढ़ी बनाई गई है, जबकि अबतक देश की सबसे बड़ी सांप-सीढ़ी का लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड (900 वर्ग फुट का) यहां के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के आईईसी कंसल्टेंट अशोक सिंह राजपुरोहित के नाम है।

– ईएमएस