अस्पताल में भर्ती 87 वर्षीय मां को वापस लेने नहीं लौटा बेटा, पुलिस में की शिकायत


नोएडा में अस्पताल में 6 दिनों से भर्ती एक 87 साल की महिला को उनका बेटा वापस लेने नहीं पहुंचा।
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नोएडा। नोएडा में अस्पताल में 6 दिनों से भर्ती एक 87 साल की महिला को उनका बेटा वापस लेने नहीं पहुंचा। जांच में पता चला कि बुजुर्ग महिला रक्षा मंत्रालय के पूर्व अंडर सेक्रेट्री की पत्नी हैं, जिन्हें उनके बेटे ने नोएडा के कैलाश अस्पताल भर्ती कराया था। 6 दिन बाद भी जब उर्मिला गर्ग की खैर-खबर लेने बेटा नहीं आया तो अस्पताल में उनकी बेटी से संपर्क किया। इसके बाद बेटी अस्पताल का बिल चुकाकर उर्मिला को अपने घर ले आए। नाम ना बताने की शर्त पर उर्मिला की बेटी ने बताया कि सब कुछ प्लांङ था। इस मामले में उर्मिला ने नोएडा सेक्टर 20 थाने में शिकायत दर्ज कराई है। बेटे पर आरोप लगाते हुए उर्मिला ने बताया कि पति की मौत के बाद वह बेटे के साथ रहती थी और बेटे ने जबरन उनकी पेंशन पासबुक, चेकबुक, गहने और करीब 30, 000 रुपए ले लिए।

गौरतलब है कि नोएडा के सेक्टर 27 के ई ब्लॉक के एक मकान में सत्य प्रकाश और उर्मिला रहते थे। प्रकाश ने अपना मकान बेटे रामाकांत के नाम कर दिया था। शिकायत में महिला ने बताया कि पिता की मौत के बाद रमाकांत ने उस फ्लैट को बेच सेक्टर 78 में निंबस हाइड पार्क में फ्लैट ले लिया। जिसके बाद उर्मिला, रामाकांत और उसके परिवार के साथ नए फ्लैट में शिफ्ट हो गई। उन्होंने बताया कि रमाकांत ने उनकी पेंशन और फिक्स्ड डिपॉजिट के पैसे ले लिए तथा नए फ्लैट में आते ही उनके प्रति रमाकांत और उसके परिवार का बर्ताव बदल गया। बुजुर्ग महिला ने बताया कि रामाकांत उन्हें प्रताड़ित करता एवं भूखा रखते थे। उर्मिला ने यह भी बताया कि हर महीने मिलने वाली पति की 11,000 रुपए की पेंशन के बाद उन्हें घर छोड़ने को कहते थे। गंभीर खांसी- जुखाम होने की वजह से उन्हें 21 दिसंबर 2018 को कैलाश अस्पताल भर्ती कराया गया। परंतु 2 जनवरी तक उन्हें अस्पताल में ही रहना पड़ा क्योंकि बेटे ने उनसे कोई संपर्क नहीं किया। इस मामले में एसएचओ. सीता कुमारी ने कहा कि काफी कोशिशों के बाद भी रमाकांत मां को घर जाने के लिए राजी नहीं हुआ। रमाकांत ने पुलिस को बताया कि वह खुद सीनियर सिटिजन होने की वजह से अपनी मां का खर्च नहीं उठा सकता। रामाकांत यह भी कहा कि जब पेंशन के सारे पैसे बेटी को देती है, तो उसी के साथ रहना चाहिए।

एक निजी स्कूल में टीचर उर्मिला की बेटी ने बताया कि जब भाई ने कोई जवाब नहीं दिया, तो अस्पताल में उनसे संपर्क किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने भाई, भाभी और भतीजे को 10- 10 कॉल किए, परंतु कोई जवाब नहीं मिला। जिसके बाद बेटी ही मां को डिस्चार्ज करवा घर ले आई। आगे बताते हो उर्मिला की बेटी ने कहा कि भाई और मां के बीच तनाव था, परंतु भाई के परिवार को यह पसंद नहीं था कि मैं इसमें हस्तक्षेप करूं। उर्मिला की बेटी ने बताया कि महिला थाने में 2 जनवरी को शिकायत भी दर्ज की गई, परंतु भाई के परिवार से कोई भी मां को लेने नहीं आया। जिसके बाद सेक्टर 20 थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। एसएसओ सेक्टर 20 मनोज पंत ने बताया कि यह पारिवारिक मामला है और उर्मिला के बेटे की पुलिस काउंसलिंग नहीं कर सकती। दूसरी तरफ उर्मिला के पोते तरुण ने बताया कि यह सब प्रॉपर्टी के पीछे का विवाद है। तरुण ने कहा कि जिस प्रॉपर्टी को लेकर विवाद कर रहे हैं, वह उसके पिता की है, परिवार कि नहीं।

– ईएमएस