गोवा में अपने घर से सरकार पर पर्रिकर की नजर, डॉक्टरों ने दी एक सप्ताह आराम की सलाह


(File Photo: IANS)

नई दिल्ली (ईएमएस)। गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर दोपहर को नई दिल्ली से अपने गृहराज्य लौट आए। नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में अग्नाश्य संबंधी बीमारी को लेकर उनका इलाज चल रहा था। एक तरफ उनकी तबीयत ठीक नहीं है तो दूसरी तरफ सरकार पर भी संकट गहराता जा रहा है।

पर्रिकर एक विशेष विमान से यहां पहुंचे, फिर उन्हें एम्बुलेंस से डोना पॉला में उनके निजी निवास पर ले जाया गया। पर्रिकर को 15 सितंबर को दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था। उनकी तबीयत के कारण राज्य में कामकाज पर पड़ते हुए असर को देखते हुए विपक्ष का हमला लगातार तेज हो रहा है।

पर्रिकर को एक सप्ताह आराम की सलाह

कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, “मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर की हालत में सुधार हुआ है। उन्होंने आज (सोमवार) सुबह अपने परिजनों से बात की। डॉक्टरों ने उन्हें एक सप्ताह आराम करने की सलाह दी है।”

पर्रिकर को 15 सितम्बर को एम्स में भर्ती कराया गया था। वह पिछले सात महीनों से गोवा, मुंबई, न्यूयॉर्क और अब नई दिल्ली में इलाज करा रहे हैं।

राज्य के ऊर्जा मंत्री नीलेश कबराल ने रविवार को यहां संवाददाताओं से कहा था कि उन्हें चमत्कार का इंतजार है जो पर्रिकर को शीघ्र स्वस्थ कर दे।

कबराल ने कहा, “उनकी जैसी भी हालत है, हम सिर्फ उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं, एक चमत्कार होगा और वह भविष्य में हमारी अगुआई करेंगे। हम सिर्फ यही चाहते हैं।”

पर्रिकर ने एम्स में की थी बैठक

उधर पर्रिकर ने यह सुनिश्चित करने के लिए शुक्रवार को पार्टी की गोवा इकाई की कोर समिति के सदस्यों और गठबंधन के सहयोगी दलों के मंत्रियों के साथ एम्स में बैठक की थी कि खराब स्वास्थ्य के कारण उनकी अनुपस्थिति के दौरान सरकार सामान्य रुप से चलती रहे।

पर्रिकर से अलग-अलग भेंट करने वाले सत्तारुढ़ भाजपा और उसके सहयोगी दलों के नेताओं ने इस तटीय राज्य में नेतृत्व परिवर्तन से इनकार किया था। कोर समिति गोवा में पार्टी की अहम निर्णायक समिति है जिसमें पर्रिकर, नाईक, प्रदेश अध्यक्ष विनय तेंदुलकर आदि हैं।

भाजपा सरकार पूरा कार्यकाल पूरा करेगी

गोवा प्रदेश भाजपाध्यक्ष  विजय तेंदुलकर ने कहा है कि मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर की सेहत ठीक है और अफवाहों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं। भाजपा सरकार उसका 5 वर्ष का सपूर्ण कार्यकाल पूरा करेगी।

ट्राजनो डिमेलो ने दिया इस्तीफा

गोवा फॉरवर्ड के उपाध्यक्ष ट्राजनो डिमेलो ने राज्य में मछली माफिया का खुला समर्थन करने के लिए भाजपा नेतृत्व वाली सरकार पर आरोप लगाते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया। डिमेलो ने यह कहते हुए रविवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया कि सरकार मछली माफियाओं का समर्थन कर रही है, जो मछलियों को संरक्षित करने के लिए फॉर्मलिन का इस्तेमाल करते हैं और राज्य में उन मछलियों को बेचते हैं।

गौरतलब है कि पर्रिकर मध्य फरवरी से ही बीमार चल रहे हैं और उनका गोवा, मुम्बई और अमेरिका समेत विभिन्न जगहों के अस्पतालों में इलाज हुआ है। गोवा में 40 सदस्यीय विधानसभा में पर्रिकर की अगुवाई वाली सरकार को 23 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। उनमें भाजपा के 14, गोवा फारवार्ड पार्टी तथा महाराष्ट्र गोमांतक पार्टी के तीन-तीन विधायक और तीन निर्दलीय विधायक हैं। . विपक्षी कांग्रेस 16 विधायकों के साथ विधानसभा में सबसे बड़ा दल है।यानी अब गोवा फॉरवार्ड पार्टी के पास दो ही विधायक बचे हैं,इसके बाद बीजेपी के साथ कुल 22 विधायकों का समर्थन बचा है।