रेलवे फाटक अब हो जाएंगे मानवयुक्त!


(File Photo: IANS)

विद्या शंकर राय

लखनऊ। उत्तर प्रदेश ही नहीं, देशभर में मानवरहित रेलवे फाटकों पर आए दिन दुर्घटना होने की खबरें आती रहती हैं। इससे निपटने के लिए अब रेलवे ने कवायद शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, इस महीने के अंत तक उप्र के सभी मानवरहित फाटकों को मानवयुक्त कर दिया जाएगा।

रेलवे सूत्रों की मानें तो उत्तर रेलवे को 109, उत्तरमध्य रेलवे की 183, एनसीआर की 32 रेलवे क्रॉसिंग को 30 सितंबर तक मानवयुक्त बनाने की दिशा में काम तेजी से चल रहा है।

कुशीनगर में 26 अप्रैल को मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग पर एक स्कूली वैन के पैसेंजर रेलगाड़ी से टकराने के बाद रेलमंत्री ने 12 सितंबर तक सभी मानवरहित रेलवे क्रॉसिंगों को मानवयुक्त बनाने की घोषणा की थी, लेकिन बाद में रेलवे के अधिकारियों द्वारा समस्याएं बताने पर उन्होंने इसकी समय सीमा बढ़ाकर 30 सितंबर तक कर दी थी।

रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि 30 सितंबर तक ज्यादातर मानवरहित रेलवे फाटकों पर इलेक्ट्रिक बैरियर या स्लाइडिंग बैरियर लगाकर वहां गेटमैन को तैनात करने की कोशिश चल रही है। उत्तर रेलवे ने रेलवे फाटकों को मानवुयक्त बनाने के लिए 300 से अधिक पूर्व सैनिकों की नियुक्ति कर ली है। गेटमैन बनने वाले सैन्यकर्मी मालगाड़ियों के आने-जाने के दौरान जरूरत के मुताबिक, फाटकों को बंद करेंगे और खोलेंगे।

उत्तर रेलवे के वरिष्ठ समन्वय अधिकारी सुधीर सिंह के मुताबिक, गेटमैनों की समस्याओं को देखते हुए ‘प्री फैब्रिकेटेड गेट हट’ मंगाए गए हैं। इन गेट हट्स में पंखे और स्वच्छ हवा के लिए खिड़कियों भी होंगी। इसके अलावा इनमें शौचालय की सुविधा भी होगी।

रेलवे के सूत्रों की मानें तो रेलवे फाटकों पर स्थायी निर्माण कराने में ज्यादा समय लगेगा और इसमें शौचालय और कई तरह की सुविधाएं देने में काफी समय लगेगा। इसीलिए रेलवे ने अब गेट हट्स की पहल की है। इससे समय की बचत होगी और तय समय के भीतर सभी मानवरहित फाटकों पर गेटमैनों की तैनाती में आसानी हो जाएगी।

इस बीच उत्तर रेलवे के डीआरएम सतीश कुमार के मुताबिक, “सभी मानवरिहत फाटकों पर 30 सितंबर तक गेटमैन तैनात कर दिए जाएंगे। गेटमैन भर्ती हो चुके हैं और गेट हट्स बनाई जा चुकीं हैं। इनको स्थापित करने का काम तेजी से चल रहा है। इसके बाद गेटमैनों को तैनात किया जाएगा।”

-आईएएनएस