पीएस की रैली के नजदीक विद्यार्थीयों ने किया पकौड़े बेचकर प्रदर्शन, जानें क्या है कारण


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पीएम नरेंद्र मोदी की रैली के पास मंगलवार को छात्रों ने अनोखे रूप में प्रदर्शन किया। ये छात्र काले रंग की ग्रेज्युएशन के चोगे में प्रदर्शन कर रहे थे और मोदी पकोड़े बेच रहे थे। तत्पश्चात लगभग 12 छात्रों को गिरफ्तार किया गया। हालांकि, रैली समाप्त होने पर इन छात्रों को छोड़ दिया गया था। पिछले साल जनवरी में, मोदी ने एक साक्षात्कार में कहा था कि लोग पकौड़े बेचकर प्रति दिन 200 रुपये कमा रहे हैं और उन्हें बेरोजगार नहीं माना जा सकता है। रैली के पास मौजूद प्रदर्शनकारियों के बताया कि, हम पकोड़ा योजना के तहत नया रोजगार देने के लिए पीएम मोदी का स्वागत करने आए हैं। हम पीएम मोदी की रैली में पकौड़े बेचना चाहते हैं, ताकि वे यह जान सकें कि शिक्षित युवाओं के लिए पकौड़े बेचना कितना बड़ा काम है।

इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिससे पता चलता है कि छात्र विभिन्न प्रकार के पकोड़े बेच रहे हैं। विद्यार्थीयों द्वारा इंजीनियर्स पकौड़ा और बीए-एलएलबी पकौड़े बेेचे जा रहे थे। यह उल्लेख किया जाना चाहिए कि विपक्ष ने पीएम के पकौड़े वाले बयान की निंदा की थी, और यह बयान सोशल मीडिया पर भी बहुत ट्रोल हुआ। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, “यह बहुत दुखद है कि पीएम मेक-इन-इंडिया और स्टार्ट अप इंडिया जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के बारे में बात करते हैं और युवाओं को पकौड़ा बेचने की सलाह देते हैं।

RJD नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर हर नागरिक पकौड़े बेचने लगे तो वह खाएगा कौन। पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा, “भीख मांगना भी एक प्रकार की बेरोजगारी है। एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में बेरोजगारी की दर 6.1% है, जो कि 1970 से चरम पर है। पिछले महीने एक नई रिपोर्ट आई, जिसमें कहा गया है कि पीएम की नोटबंदी के फैसले के बाद अब तक 50 लाख लोग अपनी नौकरी खो चुके हैं।