नन बलात्कार कांड : पीड़िता को ही वेश्या बताने के ‌विधायक के बयान की चहुंओर कड़ी निंदा


नई दिल्ली। जालंधर के बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ बलात्कार का आरोप लगाने वाली नन को लेकर एक विधायक ने विवादित और शर्मनाक बयान दिया है। बिशप पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली नन के आरोपों पर ही केरल के निर्दलीय विधायक पीसी जॉर्ज ने सवाल खड़े कर दिये और एक विवादित बयान भी दिया। इतना ही नहीं, विधायक ने पीड़िता नन को वेश्या तक कह डाला।

पीसी जॉर्ज के इस बयान की सामाजिक एवं राजनीति हलकाें से कड़ी निंदा की जा रही है। सीपीएम नेता सुभाषिनी अली ने कड़ी निंदा की है।

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने भी कहा है कि नन के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसे विधायकों पर शर्म आती है जो पीड़ितों को मदद करने की बजाय उन्हीं पर आरोप मढ़ने लगते हैं।

दरअसल, एक नन ने जून में आरोप लगाया था कि मुलाक्कल ने केरल के समीप कोट्टायम के एक कॉन्वेंट में वर्ष 2014 से 2016 के बीच उसके साथ यौन उत्पीड़न किया। जालंधर के बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ बलात्कार का आरोप लगाने वाली नन को लेकर केरल के निर्दलीय विधायक पीसी जॉर्ज ने कहा इसमें किसी को कोई शक नहीं कि नन वेश्या है। 12 बार उसने मजे लिए और 13वीं बार यह बलात्कार हो गया? जब उससे पहली बार बलात्कार हुआ तो उसने पहली बार ही शिकायत क्यों नहीं की?

गौरतलब है कि विभिन्न कैथोलिक सुधार संगठनों के सदस्यों ने शनिवार को यहां सड़कों पर उतरकर एक रोमन कैथोलिक चर्च के बिशप के खिलाफ एक नन द्वारा दायर बलात्कार की शिकायत की जांच में पुलिस की ओर से कथित तौर पर ढिलाई बरते जाने के खिलाफ प्रदर्शन किया। कोट्टायम के कॉन्वेंट की पांच ननों ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि चर्च, पुलिस और सरकार ने जालंधर डायोसीज के आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करके पीड़िता को न्याय से वंचित किया है। बिशप फ्रैंको की गिरफ्तारी की मांग वाली तख्तियां लिए प्रदर्शनकारी एक नन ने कहा, हम अपनी सिस्टर के लिए लड़ रहे हैं। उसे चर्च, सरकार और पुलिस से न्याय नहीं मिला है। हम अपनी सिस्टर को न्याय दिलाने के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि बिशप फ्रैंको के खिलाफ पर्याप्त सबूत होने के बाद भी उन्हें क्यों गिरफ्तार नहीं किया गया। उन्होंने इस मामले में चर्च के रुख पर भी सवाल उठाया।

उधर केरल के डीजीपी लोकनाथ बेहेरा ने कहा है कि मामले की जांच चल रही है और फिलहाल केस को क्राइम ब्रांच को सौंपने की जरूरत नहीं है।