‘अब राजा-महाराजाओं के दिन नहीं रहे, एम पी साबित करेंगे बहुमत!’ : कांग्रेस


Bhopal: Congress President Rahul Gandhi and party leader Jyotiraditya Scindia seen relishing a samosa at a roadside eatery while campaigning for the upcoming Madhya Pradesh Assembly elections in the old city area of Bhopal on Sept 17, 2018. (Photo: IANS)

मध्यप्रदेश की सियासी उठापटक अभी चार-पांच दिन और चलेगी। ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा कांग्रेस को अलविदा कहने और उनके साथ-साथ 22 विधायकों के भी कथित रूप से इस्तीफा दे देने के बाद अटकलबाजी तेज है कि क्या एमपी में कमलनाथ सरकार की उलटी गिनती शुरु हो गई है?

हालांकि कांग्रेस का दावा है कि सिंधिया का पार्टी छोड़ना सरकार के लिये खतरा नहीं है। मध्यप्रदेश कांग्रेस विधायक अर्जुन सिंह ने मीडिया से कहा कि 16 मार्च को सदन के पटल पर बहुमत सिद्ध कर दिया जायेगा और सरकार को पहले जितने विधायकों का समर्थन था, आगे भी उना ही रहेगा। उन्होंने सिंधिया पर तंज कसते हुए कहा कि राजा-महाराजाओं के दिन अब नहीं रहे।

वहीं सिंधिया की कांग्रेस से नाराजगी के पीछे जिसको कारणभूत माना जा रहा है ऐसे कांग्रेसी दिग्गज दिग्वीजय सिंह ने कहा है कि सिंधिया को पार्टी में दरकिनार कर देने के आरोप मिथ्या हैं। उन्होंने ट्वीटर के जरिये अपनी बात रखते हुए कहा कि एमपी के चंबल-ग्वालियर क्षेत्र में पार्टी की सभी गतिविधियां सिंधिया की मर्जी के मुताबिक ही चल रही थीं।

वहीं एमपी के राजनीतिक संकट को हल करने के लिये कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने वरिष्ठ नेताओं मुकुल वासनिक, हरिश रावत, दीपक बाबरिया को काम पर लगाया है। वे नाराज विधायकों से संपर्क करके नाराजगी दूर करने का प्रयास करेंगे। कमलनाथ सरकार के दो मंत्री गोविंद सिंह और सज्जन वर्मा बागी विधायकों को समझाने के लिये बैंग्लुरू पहुंच गये हैं।

वहीं कहा जा रहा है कि बुधवार को कांग्रेस के विधायकों को भोपाल से राजस्थान ले जाया जायेगा जिससे किसी प्रकार की खरीद-फरोख्त से दूर रहा जा सके। वहीं भाजपा विधायकों को भोपाल से दिल्ली ले जाया गया है। दोनों ही पार्टियां अपने विधायकों पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।