नहीं रहीं 15 हजार प्रसव करने वाली दाई, पेट पर हाथ फेर बता देती थीं गर्भ में बच्चे का हाल


कर्नाटक की दाई सुलागिट्टी नरसम्मा 15 हजार से ज्यादा महिलाओं की डिलीवरी करवा चुकी है। वह अब इस दुनिया में नहीं रहीं।
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बेंगलुरु। आज के दौर में जहां महिलाएं डिलीवरी के लिए बड़े-बड़े अस्पतालों में जाकर सुरक्षित प्रसव के लिए हजारों रुपए का बिल अदा करती हैं। वहीं कर्नाटक की दाई सुलागिट्टी नरसम्मा बिना कोई पैसा लिए 15 हजार से ज्यादा महिलाओं की डिलीवरी करवा चुकी है। बेहद दुख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि वह अब इस दुनिया में नहीं रहीं। 98 साल की उम्र में दाई सुलागिट्टी नरसम्मा बेंगलुरु में आखिरी सांस ली। कर्नाटक के एक-दूर दराज में स्थित कृष्णापुरा गांव की रहने वाली दाई सुलागिट्टी नरसम्मा काफी कम उम्र से ही दाई का काम करने लगी थीं। उन्हें इस काम में काफी अनुभव था।

दाई सुलागिट्टी नरसम्मा के बारे में बताया जाता है कि वह गर्भवती महिलाओं का पेट छूकर बता देती थीं कि गर्भ में पल रहे बच्चे की हालत कैसी है। वह पेट पर हाथ फेरकर बता देती थीं कि महिला के लिए प्रसव का सही दिन कौन सा होगा। आसपास के गांव में कभी भी किसी महिला के प्रसव की बारी आती तो वह नरसम्मा को याद करते रहे। हर कोई यहीं चाहता कि नरसम्मा ही प्रसव कराए।
दाई नरसम्मा के प्रति लोगों का विश्वास इस कदर था कि वे डॉक्टर से प्रसव कराने के बजाय उन्हें की प्राथमिकता देती थीं। प्रसव कराने के बदले नरसम्मा कोई पैसे नहीं लेती थीं। उनके इसी नि:स्वार्थ सेवाभाव के लिए पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 2018 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था। इसके अलावा समाजसेवा के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए तुमकुर विश्वविद्यालय ने उन्हें डॉक्टरेट की मानद उपाधि भी दी थी।

सुलागिट्टी नरसम्मा को पूर्व में कर्नाटक की प्रदेश सरकार और तमाम सामाजिक संस्थाओं द्वारा भी सम्मानित किया गया था। नरसम्मा के निधन के बाद कर्नाटक के सीएम एचडी कुमारस्वामी समेत तमाम राजनेताओं ने उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

– ईएमएस