नाबा‎लिग ने मरकर दोबारा ‎जिंदा होने के ‎लिए दे दी जान


आत्मा को शरीर से निकालने और शरीर के अंदर वापस भेजने की काल्पनिक कहानियां को आजमाते हुए एक 14 साल की नाबा‎लिग ने अपनी जान ले ली।
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मुंबई। मुंबई में एक दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। ‎जिसमें आत्मा को शरीर से निकालने और शरीर के अंदर वापस भेजने की काल्पनिक कहानियां को आजमाते हुए एक 14 साल की नाबा‎लिग ने अपनी जान ले ली। घटना मुंबई के भोईवाड़ा इलाके की है, जहां रहने वाली एक 14 साल की लड़की ने इसलिए आत्महत्या कर ली क्‍योंकि वह यह देखना चाहती थी कि उसकी आत्मा वापस उसके शरीर में आकर उसे जिंदा करती है या नहीं। बता दें ‎कि इससे पहले दिल्ली के बुराड़ी में एक ही परिवार के 11 लोगों के एक साथ फांसी लगाने की घटना से पूरी देशभर में सनसनी फैलगई थी। ‎कि अब यह मामला सामने आया है। मुंबई पुलिस ने ‎रिपोर्ट दर्ज कर इस मामले में अपनी जांच शुरू कर दी है पुलिस के मुताबिक, मृतक लड़की को पूरा भरोसा था कि उसकी आत्मा वापस आएगी और वह मरने के बाद ‎फिर से जिंदा होगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। पुलिस का कहना है कि पीड़िता के फोन से मिले कुछ वीडियो के आधार पर ये कहा जा सकता है कि वो एस्ट्रल ट्रैवल वीडियो से प्रेरित थी।

नाबा‎लिग की दादी ने बताया कि वो हमेशा फोन पर शरीर से आत्मा को बाहर निकलने जैसे वीडियो देखा करती थी। अभी 10 जनवरी को भी उसने घर पर ही जमीन पर लेट कर सांस रोक कर मरने की कोशिश की थी। वह अचानक जमीन पर लेट गई और अपनी सांसे रोक ली, ‎जिससे उसका पूरा शरीर अकड़ रहा था। तब उसे घरवालों ने रोका तो उसने विरोध जताया और कहा कि ऐसा करने से रोका क्‍यों गया। उसकी आत्‍मा शरीर से बाहर आई थी। वह मरकर दोबारा जिंदा हो जाती। दादी ने बताया कि वह रोकने पर भी नहीं मानी और वही चीज फिर से दोहराने के लिए इस बार बाथरुम में गई और कम जगह होने की वजह से अपने कपड़ों से फांसी लगा ली। उसे उम्‍मीद थी कि उसकी आत्‍मा स्‍वर्ग से दर्शन करके उसके शरीर में ‎फिर से वापस आऐगी। इस दौरान बाथरूम से आवाजें आने के बाद घरवालों ने पीड़िता को अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन तीन दिन के इलाज के बाद उसकी मौत हो गई। पीड़िता के चाचा का कहना है कि इस तरह का हादसा और ‎किसी के बच्चों के साथ न हो। लोग अपने बच्चों पर ध्यान दें कि वो लोग फोन पर क्या देख रहे हैं और क्या नहीं।

– ईएमएस