नामांकन के आखिरी दिन भाजपा ने चला आखिरी दांव, सचिन पायलट के खिलाफ युनूस खान को उतारा


कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट के चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद अपना उम्मीदवार बदलकर युनुस खान को मैदान में उतारा दिया है।
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टोंक विधानसभा सीट पूरी तरह मुसलमान बहुल

जयपुर । बीजेपी ने राजस्थान विधानसभा के आखिरी दौर में टोंक में बड़ा दांव खेल दिया है। भाजपा पार्टी ने इस सीट से कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट के चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद अपना उम्मीदवार बदलकर युनुस खान को मैदान में उतारा दिया है। बीजेपी ने जारी प्रत्याशियों की अपनी अंतिम सूची में युनुस खान का नाम टोंक विधानसभा सीट के लिए शामिल किया है। जानकारों का कहना है कि टोंक से युनुस खान को उतारने के पीछे एक वजह यह भी है कि यह क्षेत्र मुस्लिम बहुल है। टोंक सीट पर बीजेपी द्वारा मुस्लिम प्रत्याशी उतारने का अनुमान पहले ही लगाया जा रहा था, लेकिन जब अजित सिंह मेहता को उम्मीदवार बनाने की घोषणा की गई थी तो इन अटकलों पर विराम लग गया था।

हालांकि कांग्रेस ने जब प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट को टोंक से मैदान में उतारा तो इन अटकलों को फिर बल मिल गया। सोमवार को अटकलों पर मुहर भी लग गई। बता दें कि टोंक से बीजेपी के प्रत्याशी युनुस खान की गिनती वसुंधरा राजे सरकार के कद्दावर मंत्रियों में होती है। युनुस खान अभी डीडवाना से विधायक हैं। बता दें कि बीजेपी ने अपनी पांचवीं सूची में टोंक से अजित सिंह मेहता व खेरवाड़ा से शंकर लाल खराड़ी का नाम वापस लिया है। मेहता की जगह युनुस खान तथा शंकरलाल की जगह नानाला आहरी को प्रत्याशी बनाया है। दूसरी तरफ, पार्टी ने कोटपूतली से मुकेश गोयल, बहरोड़ से मोहित यादव, करौली से ओपी सैनी, केकड़ी से राजेंद्र विनायक व खींवसर से रामचंद्र उत्ता को उम्मीदवार घोषित किया है।

राजस्थान में विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन का सोमवार को आखिरी दिन है। राज्य की 200 विधानसभा सीटों के लिए 7 दिसंबर को मतदान होगा। राजस्थान में कांग्रेस ने पहले ही आखिरी दांव चलाते हुए मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ मानवेंद्र सिंह को मैदान में उतारा है। मानवेंद्र सिंह ने पिछले महीने ही कांग्रेस ज्वाइन की थी। कांग्रेस के इस दांव के बाद झालड़पाटन में लड़ाई दिलचस्प हो गई है। वसुंधरा राजे और मानवेंद्र सिंह के बीच कड़ी टक्कर होने की उम्मीद है। आपको बता दें कि सीएम वसुंधरा 2003 से लगातार यहां से चुनाव जीतती आ रही हैं। गौरतलब है कि मानवेंद्र सिंह और उनके पिता जसवंत सिंह लंबे समय से बीजेपी से नाराज थे। साल 2014 में पार्टी ने जसवंत सिंह को बाड़मेर से टिकट देने से इनकार कर दिया था।

– ईएमएस