केरल उच्च न्यायालय ने बिशप मुलक्कल की जमानत याचिका रद्द की


कोच्चि| केरल उच्च न्यायालय ने एक नन से दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार बिशप फ्रैंको मुलक्कल की जमानत याचिका रद्द कर दी है। मुलक्कल पर कथित रूप से एक नन के साथ 2014 से 2016 के बीच लगातार दुष्कर्म करने का आरोप है।

न्यायाधीश वी.राजा विजयराघवन ने बुधवार को कहा कि बिशप केविरुद्ध सबूत मौजूद हैं। बिशप फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

मुलक्कल को तीन दिन की पूछताछ के बाद 21 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था और 24 सितंबर को पाला न्यायिक दंडाधिकारी अदालत की न्यायाधीश एम. लक्ष्मी ने उन्हें दो सप्ताह की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

पंजाब के जालंधर में रोमन कैथोलिक डिओसिस के प्रमुख मुलक्कल देश के ऐसे पहले बिशप हैं, जिन्हें दुष्कर्म के आरोप में जेल भेजा गया है।

–आईएएनएस