कैदियों से जेल में मिलने आए रिश्तेदारों से की वोट की अपील


उत्तर प्रदेश के जालौन में जिला कारागार के बाहर कैदियों से मिलने आए परिजनों और रिश्तेदारों की लाईन देखने को मिली।
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जालौन। उत्तर प्रदेश के जालौन में जिला कारागार के बाहर कैदियों से मिलने आए परिजनों और रिश्तेदारों की लाईन देखने को मिली। दरअसल अपनों का हाल-चाल लेने अंदर जाने के लिए हाथ में अनिवार्य सिक्योरिटी स्टैंप लगवा रहे थे। स्टैंप के पीछे एक मोटिवेशनल मैसेज देख सभी रिश्तेदार हैरान रह गए। इस स्टैंप के माध्यम से वोट डालने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इस अनोखी पहल के पीछे जालौन जिले के डीएम मन्नान अख्तर और जेल सुपरिंटेंडेंट सीताराम शर्मा का दिमाग था। उन्होंने बताया कि उनका लक्ष्य लोगों को मतदान वाले दिन घरों से बाहर निकल कर वोट के लिए जागरूक करना था। झांसी में जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अभियान सिस्टमैटिक वोटर्स एजुकेशन एंड इलेक्ट्रॉनिक पार्टिसिपेशन प्रोग्राम (एसवीईईपी) का यह कार्यक्रम एक हिस्सा था।

जिला कारागार के परिसर में बाहर कैदियों से मिलने आने वाले परिजनों के लिए एक कैंप लगाया गया था, जिसमें लोगों के हाथों पर स्टैंप लगाए जा रहे थे। स्टैंप में कुछ इस तरह के संदेश थे- यूथ चला बूथ, मतदान महोत्सव 29 अप्रैल 2019, वोट फॉर जालौन, युवा जोश युवा वोट और एक सोच एक वोट। बेंगलुरु में काम करने वाले 32 वर्षीय मनीष द्विवेदी जेल में बंद अपने भाई से मिलने आए थे। उन्होंने बताया कि मतदाताओं को प्रोत्साहित करने का यह नया तरीका है। इस दौरान जेल सुपरिटेंडेंट और डीएम दोनों ही कैंप में उपस्थित थे और वह लोगों से व्यक्तिगत रूप से वोट करने की अपील कर रहे थे। जालौन डीएम मन्नान अख्तर ने बताया कि 250 से ज्यादा लोगों के हाथ में यह कैंप लगाया गया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने लोगों से ना सिर्फ वोट करने की अपील की, बल्कि हमारी इस मुहिम का ब्रांड एंबेस्डर बंद कर एक दूसरे को प्रोत्साहित करने को भी कहा। डीएम बताया कि उनका मुख्य लक्ष्य युवा और फर्स्ट टाइम वोटर है, क्योंकि उनका वोट प्रतिशत काफी कम होता है।

– ईएमएस