चिकित्सक दिमाग का ऑपरेशन करते रहे, और महिला अपने पति से बात!


(Photo Credit : Healthline.com)

जयपुर (ईएमएस)। ट्यूमर पीड़ित एक महिला मरीज की सर्जरी चिकित्सकों ने चैतन्य अवस्था में कर दी और वह उस दौरान अपने पति से फोन पर बात करती रही। ऐसा रोचक मामला राजस्थान के एक अस्पताल में घटा।

दरअसल राजस्थान की एक 35 वर्षीय महिला के दिमाग की सर्जरी चल रही थी और इस दौरान वह फोन पर अपने पति से बात कर रही थी। तकरीबन 45 मिनट तक चली इस सर्जरी में डॉक्टरों ने महिला के दिमाग के उस हिस्से से ट्यूमर निकाला, जिससे शरीर का दाहिना हिस्सा कंट्रोल होता है। इस दौरान महिला पूरे समय जागती रही और अपने पति से फोन पर बात करती रही। सिर्फ इतना ही नहीं, इस दौरान वह डॉक्टरों के सवाल पर प्रतिक्रिया भी दे रही थी।

Jaipur: Patient talks to hubby on cell while doctors remove tumour from her brain

A 35-year-old woman remained awake and kept talking to her husband till the doctors completed the three-hour-long surgery to remove tumour from her brain.

The Times of India यांनी वर पोस्ट केले गुरुवार, ७ मार्च, २०१९

डॉक्टरों ने बताया कि महिला के दिमाग के उस हिस्से में ट्यूमर था, जिससे बोलने की प्रक्रिया नियंत्रित होती है और शरीर का दाहिना भाग संचालित होता है। ऐसे में यह सर्जरी जागते हुए ही की जा सकती थी। इस सर्जरी के लिए महिला की पहले काउंसलिंग की गई थी और उसे इलाज के हर पहलू के बारे में अच्छे से समझाया गया था।

राजस्थान के टोंक की रहने वाली शांति देवी को बोलने में परेशानी और चक्कर आने जैसे लक्षणों के बाद जयपुर के एक अस्पताल में भर्ती किया गया था। डॉक्टरों ने जांच में पाया कि शांति देवी के ब्रेन में ट्यूमर है। शरीर के दाहिने भाग और बोलने की क्षमता को नियंत्रित करने वाले दिमाग के हिस्से में डॉक्टरों ने यह ट्यूमर खोजा था। जागती हुई अवस्था में सर्जरी करने के पीछे डॉक्टरों का मकसद था कि वह इस दौरान यह पता लगा सकें कि दिमाग का स्पीच पार्ट किसी तरह से प्रभावित तो नहीं हो रहा है और अगर हो रहा है तो इसे सर्जरी के दौरान ही ठीक किया जा सके।

तकरीबन 45 मिनट तक चलने वाली सर्जरी के दौरान महिला लगातार अपने पति से फोन पर बात करती रही। इस दौरान वह डॉक्टरों को भी प्रतिक्रिया देती रही। डॉक्टरों ने बताया कि यह एक कठिन फैसला था लेकिन महिला ने बहादुरी का परिचय दिया।

अस्पताल के न्यूरोसर्जन डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि सर्जरी से पहले दो दिनों तक महिला की काउंसलिंग की गई थी और उसे इलाज के हर पहलू के बारे में विस्तार से बताया गया था। उन्होंने कहा कि यह मुश्किल फैसला था लेकिन महिला सर्जरी के दौरान काफी बहादुर और कॉन्फिडेंट दिखाई दे रही थी। डॉक्टर ने बताया कि आमतौर पर सर्जरी से पहले मरीज को बेहोश किया जाता है लेकिन यह सर्जरी उससे अलग थी। इसमें मरीज जग रही थी और उसे इस दौरान बहकाए रखा गया था।