दुष्कृत्य मामले में दोषी की संपत्ति नीलाम कर पीड़िता को भुगतान की जाएगी 90 लाख क्षतिपूर्ति


एक किशोरी से दुष्कृत्य के मामले में पंजाब एंड हरियाणा उच्च न्यायालय ने दोषी व्यक्ति को आर्थिक रूप से 90 लाख रुपये जुर्माना लगाया।

फरीदकोट। एक किशोरी से दुष्कृत्य के मामले में पंजाब एंड हरियाणा उच्च न्यायालय ने दोषी व्यक्ति को कठोर सजा सुनाते हुए आर्थिक रूप से 90 लाख रुपये पीड़िता को देने का जुर्माना लगाया। इस केस में दोषी निसान सिंह और उसकी मां नवजोत कौर से जुर्माने की वसूली के लिए अब फरीदकोट जिला प्रशासन उनकी संपत्ति नीलाम करेगा। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि निसान और उनकी मां की संपत्ति का प्रशासन ने मूल्यांकन करा लिया है। उनके पास 3.5 एकड़ कृषि भूमि है और 1.5 एकड़ आवासीय भूमि है। इन्हें नीलाम करके प्रशासन पीड़िता और उसके परिजनों को जुर्माने की रकम अदा करेगा।

ज्ञात हो कि 31 अगस्त 2018 को जस्टिस एबी चौधरी और जस्टिस इंदरजीत सिंह की डबल बेंच ने निसान और उनकी मां पर पचास लाख रुपये की क्षतिपूर्ति बलात्कार पीड़िता को देने के साथ ही 20-20 लाख रुपये पीड़िता के माता-पिता को देने का आदेश दिया था। कोर्ट ने इस मामले में फरीदकोट जिला प्रशासन को आदेश दिया था कि आरोपियों की संपत्ति जब्त कर इस क्षतिपूर्ति की भरपाई की जाए। कोर्ट ने जिला प्रशासन को यह प्रक्रिया दस हफ्ते में पूरा करके कोर्ट को वापस सूचित करने का आदेश भी दिया था। फरीदकोट के डेप्युटी कमिश्नर राजीव पाराशर ने बताया कि संपत्ति को नीलाम करने के लिए 29 अक्टूबर की तिथि निर्धारित की गई है।

आरोप है कि फरीदकोट का रहने वाला निसान 25 जून 2012 को एक दसवीं कक्षा की छात्रा का अपहरण करके उसे देश के बाहर ले गया था। लड़की किसी तरह 27 जुलाई 2012 को आरोपी के चंगुल से छूटकर वापस अपने घर पहुंची थी। इसके लगभग एक महीने बाद निसान ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर 24 सितंबर 2012 को फिर से लड़की का अपहरण किया और उसकी मां को प्रताड़ित किया था।

इस मामले में पुलिस ने निसान के खिलाफ दो अलग केस दर्ज किए थे। निसान को इस मामले में उम्र कैद की सजा हुई थी। वहीं उसकी मां और अन्य आरोपियों को सात साल की सजा हुई थी।

-ईएमएस