हिन्डाल्को के कास्टिक तालाब टूटा, कई लोगों के दबने की आशंका


रांची के मुरी के हिंडाल्को प्लांट से तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित रेड मड़ (कॉस्टिक कचड़े का तालाब) मंगलवार दोपहर भारी दवाब के कारण टूट गया।
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चार को सुरक्षित बाहर निकाला गया, मुख्य सचिव ने हादसे की जांच का दिया आदेश

रांची। रांची के मुरी के हिंडाल्को प्लांट से तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित रेड मड़ (कॉस्टिक कचड़े का तालाब) मंगलवार दोपहर भारी दवाब के कारण टूट (भू-धंसान)गया। जिससे तालाब में रखे भारी मात्रा में रेड मड तीन किलोमीटर के दायरे में फैल गया। वहीं रेड मड की सुनामी में मुरी के कई गांव तथा टाटा- मुरी रेल लाइन भी जद में आ गया। जिससे इस मार्ग पर रेल यातायात पूरी तरह से ठप है। वहीं हिंडाल्को प्लांट में कार्य कर रहे करीब कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। हालांकि कंपनी प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की ओर से चलाये जा रहे राहत एवं बचाव कार्य के दौरान चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल दिया गया है। वहीं मुख्य सचिव ने हादसे की जांच का का आदेश दिया है।

मुख्य सचिव डीके तिवारी ने मूरी के हिंडालको कंपनी का कास्टिक तालाब टूटने पर दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के आयुक्त शुभ्रा वर्मा को कास्टिक तालाब हादसा से संबंधित प्रत्येक पहलुओं पर उच्चस्तरीय जांच करने का आदेश दिया हैं। मुख्य सचिव ने यह आदेश दिया है कि इस हादसे से संबंधित सभी बिंदुओं पर त्वरित जांच कर प्रतिवेदन राज्य सरकार को समर्पित करें। साथ ही, मुख्य सचिव श्री डीके तिवारी ने यह निर्देशित किया है कि इस हादसा से आसपास में रहने वाले आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए. जान-माल की क्षति ना हो यह सुनिश्चित किया जाए। रांची से एनडीआरएफ की टीम को घटनास्थल पर तत्काल भेजा जा चुका है. रांची जिला प्रशासन एवं अन्य एजेंसियों के द्वारा राहत कार्य प्रतिबद्धता के साथ किया जा रहा है।

इधर, हादसे में कितने लोग जमींदोज हो गये, इसकी स्पष्ट जानकारी देर शाम अब तक नहीं हो पायी है। एनडीआरएफ की टीम घटना स्थल पर पहुंच गयी है और राहत एवं बचाव कार्य जारी है। इससे पूरे इलाके में अफरातफरी का माहौल है। घटना में कई लोगों के जमीन में दबकर मारे जाने के कयास लगाये जा रहे हैं। एनडीआरफ की टीम की ओर से लोगों के रेस्क्यू का काम जोर-शोर से जारी है. इस दौरान कई लोगों को बचाया भी गया है। इस घटना के समय कई लोग सड़क पर थे। जिनका कुछ अता पता नहीं चल पा रहा है। रेड मड का दायरा समय के साथ-साथ फैलता जा रहा है। रेड मड की जद में रेलवे लाइन से सटे कई गांव व खेतीहरी जमीन प्रभावित हो गया है। वहीं स्थिति के भयावह होने के साथ लोग सुरक्षित स्थान की तालाश में इधर-उधर भागते फिरते रहे। रेलवे लाइन के उस पास नाले में भी रेड मड फैलने से पानी पूरी तरह से प्रदूषित हो गया, जबकि रेल परिचालन भी प्रभावित हुआ है। खबर है कि इस आपदा में कई ट्रक ,जेसीबी सहित लाइट पोस्ट भी टूट गये, वहीं खेतो में रेड मड फैलने से खड़ी फसल बर्बाद हो गयी है।

– ईएमएस