हिमाचल : फंसे लोगों में 63 को उड़ान व 300 को सड़क मार्ग से निकाला


(Photo: IANS)

शिमला| हिमाचल प्रदेश की लाहौल घाटी में फंसे लोगों में से 63 को गुरुवार को भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर से निकाला गया, जिनमें तीन जर्मन, 10 भारतीय महिला पर्यटक और तीन बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा, 300 लोगों को सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने सड़क मार्ग से निकाला है। यह जानकारी अधिकारियों ने दी।

पिछले तीन दिनों में सुरक्षित निकाले गए लोगों की तादाद बढ़कर 1,300 हो गई है जिनमें 18 विदेशी हैं।

हिमाचल में भारी बर्फबारी व बारिश के कारण हुए भूस्खलन से लाहौल-स्पीति जिले में कई सड़कों पर आवागमन अवरुद्ध हो जाने से ये लोग विभिन्न स्थानों पर पांच दिनों से फंसे हुए थे।

एक सरकारी अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, “करीब 400-500 लोग अब भी वहां से निकाले जाने की राह देख रहे हैं। फंसे हुए सभी पर्यटकों को भोजन सामग्री और मेडिकल किट दिया गया है और उन्हें एक या दो दिन में निकाला जाएगा। इनमें से अधिकतर लोगों को सड़क मार्ग से निकाला जाएगा क्योंकि बारालाचा दर्रे के आसपास के इलाके में बर्फ हटाने का काम जोरों पर चल रहा है।”

बताया जा रहा है कि केलांग-लेह सड़क स्थित सूरज ताल लेक और जिंगजिंग बार इलाकों में काफी संख्या में लोग फंसे हुए हैं।

रक्षा मंत्रालय के सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के करीब 300 श्रमिक भी 22 सितम्बर से हुई भारी बारिश की वजह से भूस्खलन की घटनाओं के कारण फंस गए हैं।

वायुसेना के हेलीकॉप्टर से कुंजुम दर्रे की ओर छोटा दर्रा इलाके में तीन बच्चों के साथ 10 महिलाओं को देखा गया। स्कवाड्रन लीटर विपुल गोयल की अगुवाई में वायुसेना ने सबको वहां से निकाला।

अधिकारियों ने बताया कि वहां फंसे पुरुषों को राहत सामग्री दी गई और उन्हें बाद में निकाला जाएगा।

एक अधिकारी ने बताया कि लाहौल घाटी में बचाव अभियान को तेज करने के लिए भारतीय वायुसेना के तीन हेलीकॉप्टरों के साथ-साथ दो चेतक हेलीकॉप्टर भी तैनात किए गए हैं। अभियान गुरुवार को सुबह सात बजे शुरू हुआ था। यह शुक्रवार को जारी रहेगा।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बुधवार को टेलीफोन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हालात से अवगत कराया और कहा कि भारी बारिश के कारण राज्य में कुल 1,250 करोड़ का नुकसान हुआ है।

मोदी ने राज्य को केंद्र सरकार से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।

हिमाचल प्रदेश में 22 सितम्बर से 24 सितम्बर तक ऊपरी इलाकों में भारी बर्फबारी और बारिश की वजह से काफी नुकसान हुआ है। कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

रोहतांग दर्रे में भारी बर्फबारी के कारण लाहौल और स्पीति घाटी का संपर्क टूट जाने से काफी संख्या में पर्यटक फंसे हुए हैं। इलाके में पानी और बिजली की आपूर्ति बाधित हो गई है।

बीआरओ युद्धस्तर पर कई सड़कों से बर्फ हटाने के काम में लगा हुआ है।

–आईएएनएस