ग्वालियर में गांधीवादियों संग भूमिहीनों का जमावड़ा, राहुल 6 अक्टूबर को पहुंचेंगे


ग्वालियर| एकता परिषद और सामाजिक संगठनों के आह्वान पर 2 अक्टूबर से ‘जन आंदोलन-2018’ की ग्वालियर से शुरुआत होने जा रही है। मेला मैदान में सत्याग्रहियों का जमावड़ा शुरू हो चुका है। यह आंदोलन आवासीय कृषिभूमि अधिकार कानून, महिला कृषक हकदारी कानून सहित पांच मुद्दों को लेकर चलाया जा रहा है। ये सत्याग्रही दो और तीन अक्टूबर को मेला मैदान में विचार-मंथन करेंगे और उसके बाद 4 अक्टूबर को दिल्ली के लिए कूच करेंगे। ग्वालियर से दिल्ली तक की पदयात्रा में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के छह अक्टूबर को मुरैना पहुंचने की संभावना जताई गई है।

देश को आजाद हुए भले ही 70 साल बीत गए हों, मगर लाखों परिवार ऐसे हैं जो जमीन और छतविहीन है, सरकारों के दावे के बावजूद अब भी वे आसमान के नीचे जीवनयापन करने को मजबूर हैं। गांधीवादियों की अगुवाई में देश के हजारों भूमिहीन एक बार फिर सड़क पर उतरने की तैयारी में हैं और ऐसे लोगों का ग्वालियर में जमावड़ा हो रहा है।

एकता परिषद के संस्थापक और इस आंदेालन के नेतृत्वकर्ता पी.वी. राजगोपाल का कहना है कि आजादी के 70 साल बाद भी लोगों को रहने के लिए जमीन और मकान नहीं मिल सके हैं। उनका कहना है कि वर्ष 2007 में जनादेश और 2012 में जन सत्याग्रह के दौरान केंद्र सरकार के साथ लिखित समझौते हुए, मगर उन पर अब तक न तो अमल हुआ और न ही कानून बन पाया है।

इस आदोलन में हिस्सा लेने के लिए गांधीवादी सुब्बा राव पहुंच चुके हैं। वहीं जलपुरुष राजेंद्र सिंह के आने की संभावना जताई जा रही है। इस आयोजन के दौरान छह अक्टूबर को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के पहुंचने के आसार हैं। कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी के आने की पुष्टि की है।

ग्वालियर से शुरू होने वाले जन आंदोलन-2018 के ‘दिल्ली चलो’ पदयात्रा में 25000 से ज्यादा लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। इस आंदोलन में हिस्सा लेने के लिए बड़ी संख्या में देश के कोने-कोने से लेागों के पहुंचने का दौर जारी है।

–आईएएनएस